लार्सन एंड टुब्रो इंफोटेक (Larsen and Toubro Infotech (LTI) ने गुरुवार को कहा कि उसने 5G के क्षेत्र में सहयोगी अनुसंधान के लिए आईआआईटी मद्रास (IIT Madras) के साथ पार्टनरशिप की है। एक रेगुलेटरी फाइलिंग में कहा गया है कि इस सहयोग के जरिये LTI और IIT मद्रास का लक्ष्य उभरते हुए 5G स्पेस में नवाचार (नये प्रयोग या नई खोज) करना और 5G फ्रेमवर्क वैलीडेशन, लो फ्रिक्वेंसी RF डिप्लॉयमेंट और 5G टेस्टबेड के साथ केस टेस्टिंग को सक्षम करना है।
इस साझेदारी के रूप में, एलटीआई और आईआईटी मद्रास ग्रामीण भारत में बेहतर कनेक्टिविटी के लिए कम लागत वाले, कम फ्रिक्वेंसी वाले 5जी नेटवर्क सेटअप के विकास की दिशा में रिसर्च को बढ़ावा देंगे।
इस साझेदारी का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण कनेक्टिविटी को सक्षम करने के लिए 5G बेस स्टेशन और सिंगल-बॉक्स सॉल्यूशन उपलब्ध कराना है। फाइलिंग में कहा गया है कि एलटीआई रिसर्च के लिए विशेषज्ञता भी प्रदान करेगा और इस पहल के लिए प्रासंगिक बुनियादी ढांचा भी उपलब्ध करायेगा।
LTI के मुख्य ऑपरेटिंग ऑफिसर और एक्जिक्यूटिव बोर्ड मेंबर नचिकेत देशपांडे ने कहा कि 5G एक स्मार्ट समाज के निर्माण के लिए नवाचार के अगले स्तर की सुविधा देने का वादा करता है, लेकिन यह भा सुनिश्चित करना महत्वपूर्ण है कि ये लाभ देश के हर हिस्से तक पहुंचें।
देशपांडे ने कहा, "आईआईटी मद्रास के साथ एलटीआई की साझेदारी भारत के दूरदराज के हिस्सों से लोगों को बेहतर तरीके से जोड़ने के लिए इस तकनीक का लाभ उठाने की हमारी प्रतिबद्धता को दर्शाती है।"
यह प्रोजेक्ट एलटीआई के प्रथम चरण सीएसआर कार्यक्रम का हिस्सा है और रिसर्च और इनोवेशन (एसडीजी 9 - इंडस्ट्री, इनोवेशन और इंफ्रास्ट्रक्चर) को बढ़ावा देने के लिए अपनी प्रतिबद्धता को दर्शाता है। स्वदेशी 5G नेटवर्क के विकास के लिए यह साझेदारी सरकार की 'मेक-इन-इंडिया' पहल के साथ भी जुड़ी हुई है।
IIT मद्रास में डीन (पूर्व छात्र और कॉर्पोरेट रिलेशंस) प्रोफेसर महेश पंचगनुला ने कहा कि IITM की 5G टेस्टबेड प्रोजेक्ट भारतीय स्टार्टअप और उद्योग को 5G में शुरुआती बढ़त लेने के लिए प्रोत्साहित करने की एक कोशिश है।
IIT मद्रास में असिस्टेंट प्रोफेसर (इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग विभाग) और CSR प्रोजेक्ट के प्रिंसिपल इन्वेस्टिगेटर राधा कृष्ण गंटी ने कहा कि 5G तकनीक में अपार संभावनाएं हैं और यह भारत में डिजिटल डिवाइड को पाटने का सबसे अच्छा विकल्प साबित हो सकता है।
राधा कृष्ण गंटी ने आगे कहा कि विकसित शहरी क्षेत्रों के लिए, यह तेजी से कनेक्टिविटी नेटवर्क पर डिजिटल टेक्नोलॉजिस के फायदे को आगे ले जाने और बढ़ाने में मदद करेगा।