माइक्रोब्लॉगिंग प्लेटफॉर्म कू (Koo) ने लागत में कटौती और बिजनेस को सुव्यवस्थित तरीके से चलाने के लिए अपने सभी ऑपरेशंस में कर्मचारियों की छंटनी की है। हालांकि कंपनी ने छंटनी से प्रभावित कर्मचारियों की सटीक संख्या के बारे में कोई जानकारी नहीं दी है। Koo में यह छंटनी ऐसे समय में हुई है जब पूरी इंडस्ट्री में फंडिंग की कमी की समस्या से जूझ रही है। खासतौर से ग्रोथ और उसके बाद के स्टेज वाले स्टार्टअप्स के लिए यह समस्या अधिक है।
Koo के प्रवक्ता ने मनीकंट्रोल से छंटनी की खबर पुष्टि की है। हालांकि उन्होंने छंटनी से प्रभावित कर्मचारियों की सटीक संख्या नहीं बताई। लेकिन यह जरूर कहा कि कुछ मीडिया खबरों में जो संख्या बताई गई है, वास्तविक संख्या उससे काफी कम है। फिलहाल में Koo में कुल करीब 360 कर्मचारी काम करते हैं।
Inc42 की एक रिपोर्ट के मुताबिक कंपनी ने अपने ऑपरेशंस और बैंक-एंड टीम से करीब 40 कर्मचारियों की छंटनी की है। इनमें से अधिकतर कर्मचारी कंपनी के दिल्ली और उत्तरी जोन के ऑफिसों में काम करते थे।
कू के प्रवक्ता ने आगे कहा कि कंपनी फिलहाल तेज ग्रोथ के दौर से गुजर रहा है, ऐसे में वर्कफोर्स को बिजनेस की मौजूदा जरूरतों को पूरा करने के लिए सुव्यवस्थित किया गया है।
उन्होंने कहा, "कू तेज ग्रोथ के चरण में है। हम गर्व से देसी भाषा बोलने वालों के लिए डिजिटल समावेशन को आगे बढ़ाते हैं। हमने हाल ही में 4.5 करोड़ डाउनलोड की एक प्रमुख उपलब्धि हासिल की है। पिछले 2 महीनों में हमारा डाउनलोड 10 गुना बढ़ रहा है। हम अपने बिजनेस में जो ग्रोथ देख रहे हैं, वह हमारे 350 से अधिक लोगों की मजबूत एंप्लॉयी स्ट्रेंथ में दिखता है।”
प्रवक्ता ने आगे कहा, "हमने टैलेंट को हायर करना जारी रखा है, खासतौर से इंजीनियरिंग और मशीन लर्निंग टीमों में। हमारे वर्कफोर्स को यह सुनिश्चित करने के लिए सुव्यवस्थित किया गया है कि यह कारोबार की मौजूदा जरूरतों के मुताबिक हो। लोगों को पहले प्राथमिकता देने वाली कंपनी के रूप में हम अपने हर सहयोगी की प्रतिभा और योगदान की सराहना करते हैं, जो Koo को भारत का सबसे पसंदीदा सोशल मीडिया कंपनी बनाने और 10 करोड़ डाउनलोड की ओर हमारी सफर को तेज करने के लिए महत्वपूर्ण है।"
Koo को साल 2020 में अप्रमेय राधाकृष्ण और मयंक बिदावतका ने मिलकर शुरू किया था। यह एक माइक्रोब्लॉगिंग प्लेटफॉर्म है, जिसने ट्विटर के देसी विकल्प के रूप में तेजी से लोकप्रियता पाई। Koo के निवेशकों में टाइगर ग्लोबल, एक्सेल पार्टनर्स, कलारी कैपिटल, ब्लूम वेंचर्स, ड्रीम इनक्यूबेटर, आईआईएफएल, मिराए एसेट्स आदि शामिल हैं।