स्पोर्ट्स और स्किल गेमिंग ऐप मोबाइल प्रीमियर लीग (Mobile Premier League- MPL) 100 कर्मचारियों की छंटनी करने जा रही है। यह कंपनी के कर्मचारियों की संख्या का लगभग 10 प्रतिशत है। इसके साथ ही मंदी के कारण भारतीय स्टार्टअप ने इंडोनेशिया के मार्केट से बाहर निकलने का भी ऐलान कर दिया है। बेंगलुरु स्थित कंपनी एमपीएल ऐप (MPL app) पर अपने स्ट्रीमिंग प्रोडक्ट को भी खत्म कर रही है।
मोबाइल प्रीमियर लीग के को-फाउंडर्स साई श्रीनिवास और शुभ मल्होत्रा ने कर्मचारियों को भेजे एक ईमेल में कहा, "पिछले कुछ महीने खासे खराब रहे हैं। हर कॉस्ट पर ग्रोथ का विचार उलट गया है। इसकी तुलना में अब मार्केट प्रॉफिटेबिल ग्रोथ को सपोर्ट कर रहा है।" इसकी एक कॉपी मनीकंट्रोल के पास भी उपलब्ध है।
अपने ईमेल में संस्थापकों ने आगे कहा कि यह जरूरी है कि हम एक कंपनी के रूप में इस बदलाव का जवाब दें। उन्होंने कहा कि हमने हमेशा कहा है कि मार्केट एक बहती नदी की तरह है। आप इससे लड़ नहीं सकते, आपको नीचे की ओर जाना होगा। उन्होंने कहा कि जिन लोगों को निकाला जा रहा है उन्हें कंपनी से मिलने वाले सभी लाभ दिए जाएंगे। कर्मचारियों को भेजे गए ईमेल के अनुसार, स्थिति में सुधार होने के बाद इन्हें आगे अवसर दिया जाएगा।
आपके बता दें कि यह मोबाइल गेमिंग सेगमेंट COVID-19 महामारी के दौरान काफी चर्चा में रही। इसने महामारी में लोगों के घर के अंदर तक पैठ बना ली। इन दो सालों के दौरान मोबाइल गेम डाउनलोड और इसके यूजर्स में भारी उछाल आया। कंसल्टिंग फर्म RedSeer की एक हालिया रिपोर्ट के अनुसार, भारत में मोबाइल ऐप डाउनलोड में 50 फीसदी की वृद्धि हुई है और यूजर्स के जुड़ाव में 20 फीसदी की वृद्धि हुई है।
श्रीनिवास और मल्होत्रा ने 2018 में कंपनी को शुरू किया था। MPL अपने एंड्रॉइड और iOS ऐप पर डेली फैंटेसी स्पोर्ट्स, क्विज़िंग, बोर्ड गेम, एस्पोर्ट्स और कैज़ुअल गेम्स जैसी कैटेगरी में 70 से अधिक गेम प्रोवाइड करता है। कंपनी भारत, इंडोनेशिया, यूरोप और पूरे अमेरिका में 90 मिलियन से अधिक यूजर्स होने का दावा करती है।
कंपनी का कहना है कि उसने कई गेमिंग स्टूडियो और डेवलपर पार्टनर्स के साथ गठजोड़ किया है जो उसके प्लेटफॉर्म पर गेम पब्लिश करते हैं। MPL ने फरवरी 2022 में मोबाइल फ्री-टू-प्ले (F2P) गेमिंग सेगमेंट में एंट्री करने के लिए जर्मनी स्थित GameDuell का अधिग्रहण किया था।