PE VC funding : प्राइवेट इक्विटी (पीई), वेंचर कैपिटल (वीसी) के जरिये भारतीय कंपनियों में होने वाली फंडिंग में 2022 के शुरुआती नौ महीनों में 20 फीसदी से ज्यादा की गिरावट दर्ज की गई है। दरअसल, इनवेस्टर्स महंगाई में बढ़ोतरी और लिक्विडिटी में कमी के बीच प्राइवेट मार्केट्स से अपना एक्सपोजर यानी निवेश घटा रहे हैं।
हालांकि, इनवेस्टर्स ने ज्यादा संख्या में दांव लगाए हैं, जिससे उनके इनवेस्टमेंट्स का वॉल्यूम 7 फीसदी से ज्यादा बढ़ गया है। वेंचर इंटेलिजेंस (Venture Intelligence) के डेटा से यह बात सामने आई है।
जनवरी-सितंबर, 2022 में इतना किया निवेश
जनवरी-सितंबर, 2022 के दौरान PE/VC फंड्स ने 1,016 निवेश के जरिये 36 अरब डॉलर लगाए थे। वहीं, बीते साल इसी अवधि में, इनवेस्टर्स ने 949 दांव के जरिये 45.4 अरब डॉलर का निवेश किया था।
वर्ष 2021 में PE/VC इनवेस्टर्स ने 1,342 निवेश के जरिये कुल 64.8 अरब डॉलर लगाए थे।
इसकी मुख्य वजह बैंकिंग सिस्टम में पर्याप्त लिक्विडिटी की मौजूदगी रही थी। हालांकि, महामारी के शांत होने और महंगाई में बढ़ोतरी के साथ दुनिया भर के केंद्रीय बैकों ने सिस्टम से लिक्विडिटी निकालने लगे और महंगाई को काबू में करने के लिए ब्याज दरें बढ़ाना शुरू कर दीं। इसके चलते कैपिटल की कॉस्ट खासी बढ़ गई है। इनवेस्टर्स ने इस साल अपने इनवेस्टमेंट्स में खासी कटौती की है और फंडिंग के रिवाइवल में कम से कम 12-18 महीने लग सकते हैं।
हालांकि, इसका एक परिणाम यह भी रहा कि इनवेस्टर्स ने छोटे साइज के दांव लगाने शुरू कर दिए। Venture Intelligence से मिले डेटा के मुताबिक, 2022 में लेट स्टेज ट्रांजेक्शंस (10 साल से ज्यादा पुरानी कंपनियों में या सीरीज जी या इंस्टीट्यूशनल इनवेस्टमेंट्स के बाद के बाद के राउंड्स में निवेश) में औसत डील साइज 25 फीसदी से ज्यादा घटकर 10.3 करोड़ डॉलर रह गया, जो 2021 में 13.8 करोड़ डॉलर था।
अर्ली स्टेज डील्स का बढ़ा साइज
नौ महीनों में ग्रोथ स्टेज की पीई डील्स में औसत डील साइज 6 फीसदी घटकर 7.2 करोड़ डॉलर रह गया, जो 2021 में 7.7 करोड़ डॉलर रहा था।
हालांकि, 2022 के शुरुआती नौ महीने में अर्ली ग्रोथ स्टेज डील्स साइज बढ़ गया। ग्रोथ स्टेज डील्स यानी सीरीज सी और सीरीज डी फंडिंग मे औसत डील साइज 90 लाख डॉलर रहा, जो 2021 में 70 लाख डॉलर रहा था।