Get App

फूड डिलीवरी का बिजनेस बढ़ा, लेकिन कम हो गई डिलीवरी स्टाफ की वास्तविक इनकम

एक स्टडी के मुताबिक, पिछले कुछ साल में शहरों में फूड पार्सल की डिलीवरी करने वाले स्टाफ का वास्तविक मेहनताना कम हुआ है, जबकि इन ऑर्डर की वॉल्यूम में बढ़ोतरी हुई है। नेशनल काउंसिल ऑफ अप्लायड इकनॉमिक रिसर्च की स्टडी के मुताबिक, पिछले कुछ साल में फूडटेक प्लैटफॉर्म का प्रति फूड पार्सल रेवेन्यू भी बेहतर हुआ है

MoneyControl Newsअपडेटेड Aug 29, 2023 पर 6:32 PM
फूड डिलीवरी का बिजनेस बढ़ा, लेकिन कम हो गई डिलीवरी स्टाफ की वास्तविक इनकम
स्टडी के मुताबिक, एक तिहाई से ज्यादा फूड डिलीवरी स्टाफ के पास ग्रैजुएशन की डिग्री थी।

पिछले कुछ साल में शहरों में फूड पार्सल की डिलीवरी करने वाले स्टाफ का वास्तविक मेहनताना कम हुआ है, जबकि इन ऑर्डर की वॉल्यूम में बढ़ोतरी हुई है। एक स्टडी में यह बात सामने आई है। नेशनल काउंसिल ऑफ अप्लायड इकनॉमिक रिसर्च (NCAER) की स्टडी के मुताबिक, पिछले कुछ साल में फूडटेक प्लैटफॉर्म का प्रति फूड पार्सल रेवेन्यू भी बेहतर हुआ है।

इस सर्वे में 924 फूड डिलीवरी स्टाफ को शामिल किया गया। सर्वे के मुताबिक, 2019 से 2022 के दौरान उनका वास्तविक मेहनताना 11 पर्सेंट घटकर 11,963 रुपये प्रति महीना हो गया। डीजल-पेट्रोल की कीमतों और कंज्यूमर प्राइस इनफ्लेशन में बढ़ोतरी की वजह से ऐसा हुआ। वास्तविक मेहनताना या इनकम के तहत महंगाई दर को ध्यान में रखते हुए इनकम का आकलन किया जाता है।

रिपोर्ट के मुताबिक, 2019 से 2022 के दौरान सर्वे में शामिल फूड डिलीवरी स्टाफ की इनकम 4 पर्सेंट बढ़कर 20,026 रुपये हो गई, जबकि 2019 में इनकम 19,239 रुपये थी। NCAER में प्रोफेसर और स्टडी की प्रमुख रिसर्चर बी. भंडारी ने बताया, 'हमने पाया कि कई स्टाफ की ग्रॉस इनकम में बढ़ोतरी हुई, जबकि कई स्टाफ की ग्रॉस इनकम में बढ़ोतरी नहीं हुई। हालांकि, महंगाई दर में बढ़ोतरी और फ्यूल की ऊंची कीमत की वजह से नेट इनकम में बढ़ोतरी नहीं हुई।'

काफी पढ़े लिखे युवा भी कर रहे यह काम

सब समाचार

+ और भी पढ़ें