Startup in India: केंद्र सरकार ने अगले पांच-छह साल में ‘जेनेसिस’ कार्यक्रम के तहत 10,000 से अधिक स्टार्टअप को इंसेटिव देने की तैयारी की है। इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (Ministry of Electronics and Information Technology) के सचिव अलकेश कुमार शर्मा ने कहा कि ज्यादातर स्टार्टअप के लिए वित्त का इंतजाम करना कोई मसला नहीं है। वो कई अन्य तरीकों से बढ़ोतरी पर जोर दे रहे हैं।
बढ़ रहे हैं अगले चरण की ओर
सचिव ने आगे कहा कि फाइनेंस की व्यवस्था करना कोई बड़ा मामला नहीं है। अब हम अगले चरण की तरफ बढ़ रहे हैं, जहां जेनेसिस आने वाला है। हम यह कार्यक्रम शुरू करने जा रहे हैं। अगले 5-6 सालों में हमने 10,000 से ज्यादा स्टार्टअप (Startup in India) को इंसेटिव देने की तैयारी की है। बता दें कि सरकार ने जुलाई महीने में डिजिटल इंडिया जेनेसिस कार्यक्रम का ऐलान किया था। इनोवेटेड स्टार्टअप के लिए अगली पीढ़ी के सपोर्ट के लिए जेनेसिस(Genesis program) के लिए 750 करोड़ रुपये मुहैया कराए थे। सरकार ने इस साल के शुरू में स्टार्टअप (Startup) के लिए 20 फीसदी लिमिटेड हिस्सेदारी के साथ एक नया इक्विटी फंड बनाने की बता कही थी।
रैंकिंग भी जारी की जाती है
वहीं स्टार्टअप (Startup) को मजबूती देने के लिए केंद्र सरकार और राज्य सरकारों की ओर से रैंकिंग भी जारी की जाती है। इसकी शुरुआत 2018 में हुई थी। आज 30 से ज्यादा राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों की स्टार्टअप पॉलिसी हैं। यही नहीं, 27 राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों के अपने राज्य स्टार्टअप पोर्टल हैं।
दरअसल, 15 अगस्त 2015 को लाल किले से स्वतंत्रता दिवस के भाषण के दौरान देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक नए भारत की कल्पना की थी। जो लोगों की उद्यमशीलता क्षमता (Entrepreneurial Potential) के आधार पर थी। साल 2016 में 16 जनवरी को देश में एक एक्शन प्लान की नींव रखी गई। जिसमें इनोवेशन और स्टार्टअप को बल देने के लिए एक मजबूत इकोसिस्टम बनाया जाना था। 16 जनवरी को राष्ट्रीय स्टार्टअप दिवस (National Startup Day) के रूप में मनाया जाता है।