Tata 1mg यूनिकॉर्न क्लब में शामिल, Tata Digital की अगुआई में इनवेस्टर्स से जुटाए 4 करोड़ डॉलर

टाटा डिजिटल (Tata Digital) की अगुआई में हुआ 4 करोड़ डॉलर का फंडिंग राउंड पूरा होने के बाद 1mg ने यह उपलब्धि हासिल की है। स्टार्टअप को यह फंडिंग 1.25 से 1.30 अरब डॉलर की वैल्यूएशन पर हुई है

अपडेटेड Sep 06, 2022 पर 3:41 PM
पिछली फंडरेजिंग की तुलना में 1mg ने 5 गुने प्रीमियम पर यह पूंजी जुटाई है

Tata 1mg : टाटा ग्रुप की ओनरशिप वाला ऑनलाइन हेल्थटेक प्लेटफॉर्म 1एमजी (online healthtech platform 1mg) यूनिकॉर्न क्लब में शामिल हो गया है। उसने टाटा डिजिटल (Tata Digital) की अगुआई में हुआ 4 करोड़ डॉलर का फंडिंग राउंड पूरा होने के बाद यह उपलब्धि हासिल की है। स्टार्टअप को यह फंडिंग 1.25 से 1.30 अरब डॉलर की वैल्यूएशन पर हुई है। 1 अरब डॉलर से ज्यादा वैल्यूएशन ले स्टार्टअप को यूनिकॉर्न कहा जाता है।

एमसीए में दी फाइलिंग से खुलासा

कंपनी की मिनिस्ट्री ऑफ कॉर्पोरेट अफेयर्स (एमसीए) में जमा रेगुलेटरी फाइलिंग्स के मुताबिक, Tata 1mg के बोर्ड ने 1 रुपये फेस वैल्यू वाले 30,992 इक्विटी शेयर 1,03,046 रुपये प्रति शेयर के प्रीमियम पर अलॉट करने से जुड़ा स्पेशल रिजॉल्यूशन पारित किया है। इस प्रकार कंपनी ने 4 करोड़ डॉलर यानी 319.36 करोड़ रुपये जुटाए हैं।


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5 गुने प्रीमियम पर हुई फंडिंग

मनीकंट्रोल के अनुमान के मुताबिक पिछली फंडरेजिंग की तुलना में कंपनी ने 5 गुने प्रीमियम पर यह पूंजी जुटाई है। इस हालिया राउंड में Tata 1mg की वैल्यू 1.25-1.30 अरब डॉलर आंकी गई है।

एमसीए में जमा फाइलिंग्स के मुताबिक, यह फंडिंग राउंड Tata Digital की अगुआई में हुआ और इसमें KWE Beteiligungen AG, HBM Healthcare Investments, MAF Mauritius, MPOF Mauritius और व्यक्तिगत निवेशकों रूबल जैन और वरदान शर्मा ने 254 करोड़ रुपये या 3.2 करोड़ डॉलर का निवेश किया है। इस संबंध में टाटा डिजिटल और Tata 1mg के फाउंडर प्रशांत टंडन को भेजी गई क्वेरी पर कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली।

कमजोर डिमांड से दबाव में हैं कंपनियां

Tata 1mg ने ऐसे दौर में यह फंडिंग जुटाई है जब हेल्थटेक कंपनियों को महामारी के बाद जूझना पड़ रहा है, क्योंकि कोविड-19 से जुड़ी बंदिशें कम होने से ऑनलाइन हेल्थ सर्विसेज के लिए डिमांड में कमी आई है।

मनीकंट्रोल में हाल में खबर दी थी कि महामारी से मिले बूस्ट के सुस्त पड़ने से टेली कंसल्टिंगग प्लेटफॉर्म्स, ई-फार्मेसीज, एट-होम डायग्नोस्टिक्स आदि को मांग में कमजोरी से जूझना पड़ रहा है।

एमफाइन ने हाल में की थी छंटनी

हेल्थटेक फर्म एमफाइन (firm Mfine) ने मई में 400 कर्मचारियों की छंटनी की थी। अगस्त में टाइगर ग्लोबल के निवेश वाली हेल्थटेक प्लेटफॉर्म फार्मइजी (Pharmeasy) ने बाजार के हालात का हवाला देते हुए अपने आईपीओ के पेपर्स वापस ले लिए थे। ऐसी खबरें हैं कि कंपनी अब कम वैल्यूएशन पर फंड जुटाने पर विचार कर रही है।

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