ऑनलाइन ब्रोकिंग फर्म जीरोधा (Zerodha) के करीब 90 फीसदी कर्मचारी स्थायी रूप से वर्क फ्रॉम होम (Work From Home) यानी घर से काम करेंगे। कंपनी के सीईओ और को-फाउंडर नितिन कामत (Nithin Kamath) ने यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि Zerodha में करीब 1,100 कर्मचारी है, जिनमें से करीब 950 कर्मचारियों को हमेशा के लिए वर्क फ्रॉम होम की सुविधा दी गई है। कामत ने मनीकंट्रोल को हाल में दिए एक इंटरव्यू में बताया कि जीरोधा की कोर टीम हाइब्रिड मॉडल में काम करेगी।
कोरोना महामारी के दौरान कंपनी ने अपने कई ऑफिसों और वर्कप्लेस के बंद होने के बाद अपना कामकाज ऑनलाइन शिफ्ट कर दिया था। कामत ने इससे पहले बताया था कि घर से काम करने वाले कर्मचारियों के लिए कंपनी कर्नाटक के छोटे शहरों में सैटलाइट ऑफिस खोल रही है। कामत ने बताया, "हमारे 85 से 90 फीसदी कर्मचारी घर से काम कर रहे हैं और हम आगे भी इसे जारी रखेंगे। इसके अलावा हमने बेलागवी (कर्नाटक का एक छोटा शहर) में एक ऑफिस भी खोला है।"
उन्होंने बताया, "हमने फैसला किया है कि हम हमेशा वर्क फ्रॉम होम करेंगे। लोग छोटे शहरों में रहते हुए काम करना पसंद कर रहे हैं। बेलागवी के पास अच्छा टैलेंट है और हमारी एक बड़ी टीम वहां से काम कर रही है। बेलागवी एक शहर के रूप में उन्हें पंसद आ रहा है। वे वहां बंगला किराए पर ले रहे हैं, जो वह कभी बेंगलुरु में सोच भी नहीं सकते थे।"
Zerodha की गिनती देश के सबसे मूल्यवान स्टार्टअप में होती है। इसके अलावा यह देश के उन कुछ चुनिंदा यूनिकॉर्न में से एक है, जो बिना किसी बाहरी फंडिंग के चल रही है। इसके अतिरिक्त यह कंपनी मुनाफे में भी है और दोनों अरबपति फाउंडर्स- नितिन कामत और उनके भाई निखिल कामत के पास अभी भी कंपनी की मेजॉरिटी हिस्सेदारी है।
Zerodha की स्थापना 2010 में हुई थी और आज यह देश की सबसे बड़ी स्टॉक ब्रोकर है। कंपनी के पास 90 लाख से अधिक ग्राहक हैं और देश के कुल रिटेल ट्रेडिंग का करीब 15 फीसदी इसके प्लेटफॉर्म के जरिए होता है। इसके अलावा यह Rainmatter नाम से एक फिनटेक फंड भी ऑपरेट करती है, जिसने कई स्टार्टअप्स में निवेश किया हुआ है।