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इस साल की पहली इंडियन यूनिकॉर्न बनी Zepto, 1.4 अरब डॉलर के वैल्यूएशन पर स्टार्टअप ने जुटाए 20 करोड़ डॉलर

जेप्टो की सीरीज ई (Series E) की फंडिंग की अगुवाई अमेरिकी एसेट मैनेजमेंट फर्म स्टेपस्टोन ग्रुप ने की है और इसमें गुडवॉटर कैपिटल और कुछ मौजूदा निवेशकों को भी शामिल किया गया है। मई में जेप्टो का वैल्यूएशन 90 करोड़ डॉलर था। Zepto का मुकाबला Blinkit, Swiggy Instamart, Dunzo,BB से है

MoneyControl Newsअपडेटेड Aug 25, 2023 पर 5:26 PM
इस साल की पहली इंडियन यूनिकॉर्न बनी Zepto, 1.4 अरब डॉलर के वैल्यूएशन पर स्टार्टअप ने जुटाए 20 करोड़ डॉलर
Zepto को मिली कुल 20 करोड़ डॉलर की फंडिंग में से 10.5 करोड़ डॉलर स्टेपस्टोन ग्रुप और गुडवॉटर कैपिटल की तरफ से मुहैया कराए गए हैं।

क्विक-कॉमर्स स्टार्टअप जेप्टो (Zepto) ने 1.4 अरब डॉलर के वैल्यूएशन पर 20 करोड़ डॉलर की रकम जुटाई है। इस तरह, 11 महीने के बाद भारत की कोई स्टार्टअप यूनिकॉर्न बनी है। यूनिकॉर्न ऐसी स्टार्टअप कंपनी को कहते हैं, जिसका वैल्यूएशन 1 अरब डॉलर या इससे ज्यादा हो।

जेप्टो की सीरीज ई (Series E) की फंडिंग की अगुवाई अमेरिकी एसेट मैनेजमेंट फर्म स्टेपस्टोन ग्रुप (StepStone Group) ने की है और इसमें गुडवॉटर कैपिटल (Goodwater Capital) और कुछ मौजूदा निवेशकों को भी शामिल किया गया है। मई में जेप्टो का वैल्यूएशन 90 करोड़ डॉलर था।

यह फंडिंग विशेष तौर पर अहम इसलिए है, क्योंकि जेप्टो इस साल 1 अरब डॉलर से ज्यादा के वैल्यूएशन वाली पहली भारतीय स्टार्टअप कंपनी है यानी भारत में इस साल अब तक कोई यूनिकॉर्न नहीं थी।

भारत में पिछली यूनिकॉर्न मोलबियो डायग्नोस्टिक्स (Molbio Diagnostics ) थी, जिसने सितंबर 2022 में यह दर्जा हासिल किया था। साल 2021 में स्टार्टअप कंपनियों के लिए फंडिंग बूम का दौर था और इस दौरान हर हफ्ते कोई स्टार्टअप यूनिकॉर्न बन रही थी। 2021 में कुल 44 स्टार्टअप फर्में यूनिकॉर्न क्लब में शामिल हुईं और पिछले साल इस लिस्ट में 23 कंपनियां शामिल हुईं। इसके बाद निवेशकों ने स्टार्टअप में निवेश को लेकर सख्ती कर दी और चुनिंदा स्टार्टअप्स में ही निवेश करने लगे।

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