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नए जमाने की कंपनियों में प्रॉफिट हासिल करने की रेस के बीच Zomato ने 44% घटाया अपना ESOP खर्च

वित्त वर्ष 2024 की पहली छमाही में नई टेक्नोलॉजी पर आधारित लिस्टेड कंपनियों के एम्प्लॉयी स्टॉक ऑप्शन (ESOP) संबंधी खर्च में काफी कमी आई है। स्टॉक एक्सचेंजों के आंकड़ों से यह पता चला है। नुकसान में चल रही टेक फर्मों के मुनाफे में पहुंचने की उम्मीद की वजह से ऐसा हुआ है। पेटीएम, जोमैटो, डेल्हीवरी और अन्य ऐसी कंपनियों ने अपने IPO से ठीक पहले अपने टॉप अधिकारियों को बड़े पैमाने पर ESOP दिया था और इस वजह से इन कंपनियों को काफी आलोचना का सामना करना पड़ा था

MoneyControl Newsअपडेटेड Nov 20, 2023 पर 2:22 PM
नए जमाने की कंपनियों में प्रॉफिट हासिल करने की रेस के बीच Zomato ने 44% घटाया अपना ESOP खर्च
नए जमाने की टेक कंपनियों तेजी से अपना ESOP खर्च घटा रही हैं।

वित्त वर्ष 2024 की पहली छमाही में नई टेक्नोलॉजी पर आधारित लिस्टेड कंपनियों के एम्प्लॉयी स्टॉक ऑप्शन (ESOP) संबंधी खर्च में काफी कमी आई है। स्टॉक एक्सचेंजों के आंकड़ों से यह पता चला है। नुकसान में चल रही इन फर्मों के मुनाफे में पहुंचने की कोशिश की वजह से ऐसा हुआ है।

संबंधित अवधि के दौरान जोमैटो (Zomato) के ESOP खर्च में सबसे ज्यादा यानी 44 पर्सेंट की गिरावट रही। इसके बाद पॉलिसीबाजार का स्थान रहा, जिसके ESOP खर्च 41 पर्सेंट तक की कमी देखने को मिली। नायका ( Nykaa)और डेल्हीवरी (Delhivery) के इस खर्च में 17 पर्सेंट तक की गिरावट रही। हालांकि, पेटीएम (Paytm) का ESOP खर्च 4 पर्सेंट तक बढ़ गया।

पेटीएम, जोमैटो, डेल्हीवरी और अन्य ऐसी कंपनियों ने अपने IPO से ठीक पहले अपने टॉप अधिकारियों को बड़े पैमाने पर ESOP दिया था और इस वजह से इन कंपनियों को काफी आलोचना का सामना करना पड़ा था। इस फैसले का असर कंपनियों के प्रॉफिट पर देखने को मिला था। चूंकि ESOP का ढांचा 4-5 साल के लिए होता है, लिहाजा कंपनियों पर इस ग्रांट का असर अगले कुछ वर्षों तक बना रह सकता है।

दिलचस्प बात यह है कि वित्त वर्ष 2024 की पहली छमाही में जोमैटो के ESOP खर्च में भले ही भारी गिरावट रही, लेकिन इस दौरान कंपनी का एंप्लॉयी बेनिफिट खर्च 3 पर्सेंट बढ़कर 755 करोड़ रुपये हो गया। इससे पहले मनीकंट्रोल (Moneycontrol) ने खबर दी थी कि जोमैटो के को-फाउंडर और CEO दीपेंदर गोयल को दिए गए ESOP की वजह से कंपनी पर 143 करोड़ रुपये का बोझ पड़ा है। हालांकि, भले ही जोमैटो का ESOP खर्च कम हुआ हो, लेकिन कंपनी के मैनेजमेंट ने इसी साल अर्निंग कॉल में कहा था कि भविष्य में यह ट्रेंड फिर से उलट सकता है। वित्त वर्ष 2022 में जोमैटो का ESOP खर्च 880 करोड़ रुपये था, जो वित्त वर्ष 2023 में 42 पर्सेंट घटकर 508 करोड़ रुपये हो गया था।

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