सुप्रीम कोर्ट CCI के आदेश के खिलाफ एमेजॉन (Amazon) की याचिका पर सुनवाई करने के लिए 5 सितंबर को तैयार हो गया। सीसीआई ने 2019 में फ्यूचर ग्रुप की एक फर्म के साथ एमेजॉन की डील को मंजूरी देने से इनकार कर दिया था। सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में संबंधित पक्षों से जवाब मांगा है। इस मामले पर सुप्रीम कोर्ट 19 सितंबर को सुनावई करेगा।
एमेजॉन ने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा तब खटखटाया है, जब नेशनल कंपनी लॉ अपेलेट ट्राइब्यूनल (NCLAT) ने इस मामले में CCI के स्टैंड को सही ठहराया। दिसंबर में सीसीआई ने कहा था कि एमेजॉन 2019 में फ्यूचर कूपंस प्राइवेट लिमिटेड (FCPL) से डील की अहम जानकारियां देने में नाकाम रही।
सीसीआई ने कहा था कि एमेजॉन का फ्यूचर ग्रुप के रिटेल बिजनेस में स्ट्रेटेजिक इंटरेस्ट था। यह बिजनेस पब्लिक लिस्टेड कंपनी फ्यूचर रिटेल लिमिटेड (FRL) की तरफ से बिग बाजार के बैनर के तहत चलाया जा रहा था। उसने कहा कि FCPL में एमेजॉन क्यों निवेश करना चाहती है, इसका जवाब सीसीई को नहीं दिया गया। इसके बाद सीसीआई ने इस डील के एप्रूवल को ठंडे बस्ते में डाल दिया।
सीसीआई के इस फैसले को NCLAT ने सही ठहराया। अब एमेजॉन ने इसे सुप्रीम कोर्ट में चैलेंज किया है। एमेजॉन का कहना है कि इसने डील से जुड़ी सभी जरूरी जानकारियां उपलब्ध कराई है और उसके तरफ से किसी तरह की गड़बड़ी नहीं की गई है।
एमेजॉन और फ्यूचर ग्रुप के बीच 2020 से ही कानूनी लड़ाई चल रही है। दोनों से जुड़े कई मामले अलग-अलग मंचों पर लंबित हैं। अमेजन और फ्यूचर ग्रुप के बीच कानूनी लड़ाई सिंगापुर इंटरनेशनल आर्बिट्रेशन सेंटर (SIAC) में चल रही है। एसआईएसी की तरफ से दिए गए अंतरिम आदेश से जुड़े एक अलग मामले पर दिल्ली हाई कोर्ट में सुनवाई चल रही है।
सीसीआई ने फ्यूचर ग्रुप के कुछ डायरेक्टर्स की याचिका पर दिसंबर 2021 में यह आदेश दिया था। एक अलग मामले में फ्यूचर ग्रुप को कर्ज देने वाले बैंकों ने इनसॉल्वेंसी एंड बैंकरप्सी कोड (IBC) के तहत फ्यूचर ग्रुप के खिलाफ कॉर्पोरेट इनसॉल्वेंसी रिजॉल्यूशन प्रोसेस शुरू किया है।
मुंबई की एक कोर्ट ने किशोर-बियानी के नेतृत्व वाली FRL की इनसॉल्वेंसी रिजॉल्यूशन को मंजूर कर लिया है। FRL और रिलायंस रिटेल के बीच प्रस्तावित एसेट सेल अब रद्द हो चुका है।