मुनाफे में आया Swiggy का फूड डिलीवरी बिजनेस, कंपनी के CEO ने किया ऐलान

Zomato के तिमाही नतीजों की घोषणा से एक दिन पहले Swiggy ने यह जानकारी दी है। 18 मई को एक ब्लॉग-पोस्ट में स्विगी के को-फाउंडर और सीईओ Sriharsha Majety ने कहा कि स्विगी अपनी शुरुआत के नौ साल से भी कम समय में प्रॉफिटेबल बनने वाले बहुत कम ग्लोबल फूड डिलीवरी प्लेटफार्मों में से एक बन गया है

अपडेटेड May 18, 2023 पर 2:46 PM
  • Follow Us On Google
  • Add as a Preferred Source on Google
ऑनलाइन फूड डिलीवर करने वाली कंपनी Swiggy ने घोषणा की है कि वित्त वर्ष 2023 की मार्च तिमाही में उसका फूड-डिलीवरी बिजनेस प्रॉफिटेबल हो गया है।

ऑनलाइन फूड डिलीवर करने वाली कंपनी Swiggy ने घोषणा की है कि वित्त वर्ष 2023 की मार्च तिमाही में उसका फूड-डिलीवरी बिजनेस प्रॉफिटेबल हो गया है। Zomato के तिमाही नतीजों की घोषणा से एक दिन पहले Swiggy ने यह जानकारी दी है। 18 मई को एक ब्लॉग-पोस्ट में स्विगी के को-फाउंडर और सीईओ Sriharsha Majety ने कहा, "स्विगी अपनी शुरुआत के नौ साल से भी कम समय में प्रॉफिटेबल बनने वाले बहुत कम ग्लोबल फूड डिलीवरी प्लेटफार्मों में से एक बन गया है।" मजेटी की यह घोषणा स्विगी के निवेशक इंवेस्को और बैरन कैपिटल द्वारा पिछले कुछ हफ्तों में बेंगलुरु स्थित स्टार्टअप में अपनी हिस्सेदारी को कम करने के बाद आया है।

कंपनी के CEO ने क्या कहा

कंपनी के को-फाउंडर ने कहा कि स्विगी का क्विक-कॉमर्स बिजनेस इंस्टामार्ट अगले कुछ हफ्तों में कंट्रीब्यूशन मार्जिन न्यूट्रल हो जाएगा। CEO ने उन कारणों को भी गिनाया जिनकी वजह से कंपनी प्रॉफिटेबिलिटी बेंचमार्क पर आ गई। उन्होंने कहा, "इनोवेशन पर हमारा फोकस, मजबूत एग्जीक्यूशन के चलते हमने इस उपलब्धि को हासिल किया है। स्विगी का फूड डिलीवरी बिजनेस प्रॉफिटेबल हो गया है।"


CEO ने कहा कि कंपनी का मकसद आने वाले समय में टियर II और III मार्केट में बिजनेस को बढ़ाना है। बता दें कि Zomato और Swiggy दोनों ने कहा है कि ग्लोबल फूड डिलीवरी मार्केट धीमा हो रहा है। मंदी की आशंका के बीच स्विगी ने अपना मीट मार्केट बंद कर दिया। कंपनी ने इस साल जनवरी में 380 कर्मचारियों को नौकरी से निकालने का फैसला भी किया था।

बता दें कि वित्त वर्ष 2021 में स्विगी का शुद्ध घाटा 1,616.9 करोड़ रुपये से दोगुना होकर वित्त वर्ष 2022 में 3,628.9 करोड़ रुपये हो गया था। ऑपरेशन से कंपनी का राजस्व हालांकि सालाना आधार पर 2,546.9 करोड़ रुपये से बढ़कर 5,704.9 करोड़ रुपये हो गया।

इंस्टामार्ट को लेकर ये है अपडेट

स्विगी के क्विक-कॉमर्स बिजनेस इंस्टामार्ट पर Majesty ने कहा कि यह यूनिट भी पॉजिटिव होने के ट्रैक पर है। उन्होंने कहा कि इंस्टामार्ट विश्व स्तर पर क्विक कॉमर्स स्पेस में लीडिंग प्लेयर है। इसके अलावा, हमने बिजनेस की प्रॉफिटेबिलिटी पर भी मजबूत प्रगति की है और अगले कुछ हफ्तों में इस 3 साल पुराने बिजनेस का कंट्रीब्यूशन मार्जिन न्यूट्रल हो जाएगा। बता दें कि इंस्टामार्ट का मुकाबला Zomato के स्वामित्व वाली ब्लिंकिट, वाई कॉम्बिनेटर-समर्थित Zepto, रिलायंस फंडेड Dunzo और टाटा की बिग बास्केट से है।

हिंदी में शेयर बाजार स्टॉक मार्केट न्यूज़,  बिजनेस न्यूज़,  पर्सनल फाइनेंस और अन्य देश से जुड़ी खबरें सबसे पहले मनीकंट्रोल हिंदी पर पढ़ें. डेली मार्केट अपडेट के लिए Moneycontrol App  डाउनलोड करें।