OpanAI vs SpaceX: चैटजीपीटी (ChatGPT) की पैरेंट कंपनी ओपनएआई और एलॉन मस्क (Elon Musk) के स्पेसएक्स (SpaceX) के बीच की साझेदारी खत्म हो सकती है। न्यूज एजेंसी रायटर्स की रिपोर्ट के मुताबिक ओपनएआई स्पेसएक्स के कोडिंग-टूल कंपनी कर्सर (Cursor) को एआई मॉडल की उपलब्धता बंद करने की योजना बना रही है। इस कदम से ओपनएआई के सीईओ सैम ऑल्टमैन और एलॉन मस्क के बीच लंबे समय से चल रही कड़वाहट भरी टक्कर और बढ़ गई है। बता दें कि जून में स्पेसएक्स ने कर्सर बनाने वाले स्टार्टअप एनीस्फीयर (Anysphere) को $6 हजार करोड़ की ऑल-स्टॉक डील में खरीदने का ऐलान किया था और इस महीने की शुरुआत में यह अधिग्रहण पूरा हो गया।
OpanAI vs SpaceX: Cusror को क्यों बंद होगी सर्विसेज?
ओपनएआई ने एक ब्लॉग पोस्ट में कहा कि कर्सर को एआई मॉडल नहीं देने का फैसला इसलिए लिया जा रहा है क्योंकि उन्हें भरोसा नहीं है कि स्पेसएक्स उनकी तकनीक का इस्तेमाल तय शर्तों के अनुसार करेगा। ओपनएआई ने यह भरोसा नहीं होने की वजह एलॉन मस्क की कंपनियों का ओपनएआई के साथ हुए कॉन्ट्रैक्ट्स की शर्तों के उल्लंघन के लंबे अनुभव को बताया। वहीं इस मामले को लेकर कर्सर के को-फाउंडर माइकल ट्रुएल (Michael Truell) का कहना है कि वह ओपनएआई के शुरुआती यूजर्स में से एक है और अब इसके साथ मौजूदा मुद्दे को सुलझाने के लिए वहीं ओपनएआई की टीम से बातचीत कर रहे हैं।
ओपनएआई का कहना है कि स्पेसएक्स जैसी बड़ी कंपनियों के साथ काम करने के लिए खास कॉन्ट्रैक्ट्स होता है और इसमें यह तय किया जाता है कि तकनीक का इस्तेमाल बड़े पैमाने पर सुरक्षा के साथ किया जाए। ओपनएआई के मुताबिक कर्सर को उसकी सर्विसेज 12 नवंबर 2026 तक बंद की जा सकती है। ओपनएआई का कहना है कि कर्सर के साथ कॉन्ट्रैक्ट में स्वामित्व में बदलाव के बादसीमित समय में कॉन्ट्रैक्ट रद्द करने का अधिकार मिल गया है।
Elon Musk vs Sam Altman: लंबा है टकराव
एलॉन मस्क और सैम ऑल्टमैन के बीच कई वर्षों से टकराव चल रही है, और यह कोर्ट केस तक पहुंच गया। सुनवाई के दौरान मस्क के वकील ने कहा था कि मस्क और दूसरे गवाहों ने ऑल्टमैन के झूठे होने की गवाही दी है तो ओपनएआई का कहना था कि मस्क कंपनी पर कंट्रोल चाहते थे।
दुनिया के सबसे अमीर शख्स एलॉन मस्क ने ओपनएआई पर $15 हजार करोड़ का मुकदमा किया था। मस्क ने कंपनी और ऑल्टमैन पर आरोप लगाया था कि उन्होंने अपने फायदे के लिए कंपनी के मूल नॉन-प्रॉफिट मिशन से धोखाधड़ी करके एक चैरिटी को हड़प लिया। इस साल की शुरुआत में एक फेडरल जूरी ने मस्क के खिलाफ फैसला सुनाया और कहा कि उन्होंने बहुत देर से केस फाइल किया था।