Why Rate Hike in US: अमेरिकी फेडरल रिजर्व ने बुधवार को 25 बेसिस प्वाइंट्स बढ़ा दिया। जुलाई 2023 के बाद से यह पहली बार है, जब अमेरिकी केंद्रीय बैंक ने ऐसा फैसला किया। महंगाई के लगातार बने रहने, एनर्जी की बढ़ती कीमतें और मजबूत इकॉनमी की वजह तीन साल से अधिक समय के बाद पॉलिसीमेकर्स को एक फिर से मौद्रिक नीतियों को सख्त करना पड़ा। FOMC (फेडरल ओपन मार्केट कमेटी) ने सर्वसम्मति से फेडरल फंड्स रेट के टारगेट रेंज को बढ़ाकर 3.75-4% कर दिया। इससे भी अहम बात यह है कि फेडरल रिजर्व ने संकेत दिया कि इस साल दरों में और बढ़ोतरी होगी।
तीन साल बाद क्यों पड़ी ब्याज दर बढ़ाने की जरूरत?
अमेरिकी फेड की सबसे बड़ी चिंता फेडरल महंगाई की तेज रफ्तार है, जोकि लगातार बनी हुई है। जुलाई महीने में अमेरिकी में ओवरऑल महंगाई दर सालाना आधार पर 3.7% थी जबकि कोर इनफ्लेशन 3.3% थी और ये दोनों ही अमेरिकी फेड के 2% के टारगेट से ऊपर थी।
अगस्त महीने में कंज्यूमर प्राइस इंडेक्स (CPI) भी मासिक आधार पर 0.4% बढ़ गई और एनुनअल इनफ्लेशन 3.4% पर पहुंच गई।
एनर्जी की बढ़ती कीमतों में महंगाई का अनुमान लगाना कठिन बना दिया है। पश्चिमी एशिया में चल रही लड़ाई से कच्चे तेल में उबाल आया और ग्लोबल ऑयल बेंचमार्क प्रति बैरल $100 के पार पहुंच गया। इसने इस बात की चिंता बढ़ा दी कि लंबे समय तक महंगाई का दबाव बना रह सकता है और इसका दायरा एनर्जी के बाहर भी फैल सकता है।
फेड ने महंगाई के अपने एसेसमेंट में एक अहम बदलाव किया है। अमेरिकी फेड ने अपने लेटेस्ट बयान में पहले के रेफरेंस को हटा दिया है, जिसमें महंगाई के तेज रफ्तार की वजह सप्लाई शॉक को बताया, खासतौर से एनर्जी सेक्टर में। यह बदलाव इसलिए किया गया है कि पॉलिसीमेकर्स को चिंता हो रही है कि महंगाई का दबाव अब और व्यापक होता जा रहा है।
महंगाई की तेज रफ्तार के बावजूद अमेरिकी इकॉनमी काफी मजबूत बनी हुई है, जिसके चलते फेड को मॉनेटरी पॉलिसी यानी मौद्रिक नीति को सख्त करने की गुंजाइश मिल रही है। पॉलिसीमेकर्स का अनुमान है कि साल 2026 में आर्थिक विकास दर 2.3% और 2027 में 2.4% रहेगी, जबकि बेरोजगारी दर 4.1% रहने की उम्मीद है।
नए चेयरमैन केविन वार्श की पहली रेट हाइक
अमेरिकी फेड ने तीन साल बाद ब्याद दरों को बढ़ाने का फैसला किया और मई में चेयरमैन बने केविन वार्श के कार्यकाल का पहला बदलाव है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बार-बार कम ब्याज दरों की मांग करने के बाद फेडरल रिजर्व के चेयरमैन के तौर पर केविन वॉर्श को चुना था। उस समय ट्रंप ने उम्मीद जताई थी कि उनके चुने गए लोग ब्याज दरें कम करेंगे।