Ratan Tata की इंवेस्टमेंट कंपनी RNT Associates में बड़ा फेर-बदल, Mehli Mistry का इस्तीफा, ये है वजह

Tata Group News: टाटा ग्रुप के कई अहम चैरिटेबिल ट्रस्ट्स को छोड़ने के बाद मेहली मिस्त्री ने अब आरएनटी एसोसिएट्स (RNT Associates) के डायरेक्टर पद से भी इस्तीफा दे दिया है। जानिए ओला इलेक्ट्रिक (Ola Electric), लेंसकार्ट (Lenskart) और फर्स्टक्राई (FirstCry) जैसे अहम स्टार्टअप्स में पैसे लगाने वाले आरएनटी एसोसिएट्स से मिस्त्री क्यों अलग हुए और मार्केट की इस पर करीबी नजर क्यों है

अपडेटेड Jul 02, 2026 पर 12:03 PM
30 जून को भेजे गए रेजिनेशन लेटर में मेहली मिस्त्री ने बोर्ड को बताया कि वह अपनी दूसरी जिम्मेदारियों में व्यस्तता का हवाला देते हुए 1 जुलाई से आरएनटी एसोसिएट्स के डायरेक्टर का पद छोड़ देंगे।

Tata Group News: टाटा ग्रुप के सबसे अनुभवी शख्स में से एक, दिवंगत रतन टाटा के करीबी सहयोगी और उनकी वसीयत के एग्जीक्यूटर्स में शामिल मेहली मिस्त्री ने आरएनटी एसोसिएट्स (RNT Associates) डायरेक्टर पद से इस्तीफा दे दिया है। मनीकंट्रोल की रिपोर्ट के मुताबिक यह जानकारी कंपनी के उनके रेजिनेशन लेटर से सामने आई है। 1 जुलाई से प्रभावी उन्होंने यह इस्तीफा ऐसे समय में दिया, जब कुछ महीने पहले ही मेहली मिस्त्री ने टाटा ग्रुप के कई अहम चैरिटेबिल ट्रस्ट्स को भी छोड़ दिया था। अब टाटा ग्रुप की इंवेस्टमेंट कंपनी से भी उनके इस्तीफे से ऐसी कंपनी में बोर्ड लेवल पर अहम बदलाव हुआ है जो रतन टाटा के पर्सनल इंवेस्टमेंट इकोसिस्टम के सेंटर में है।

अब आगे क्या?

30 जून को भेजे गए रेजिनेशन लेटर में मेहली मिस्त्री ने बोर्ड को बताया कि वह अपनी दूसरी जिम्मेदारियों में व्यस्तता का हवाला देते हुए 1 जुलाई से आरएनटी एसोसिएट्स के डायरेक्टर का पद छोड़ देंगे। वह टाटा इकोसिस्टम में सबसे प्रभावशाली लेकिन कम चर्चा में रहने वाले लोगों में से एक रहे हैं। सीए के तौर पर उन्होंने कई दशकों तक रतन टाटा के साथ मिलकर काम किया और टाटा ग्रुप की कंपनियों के बोर्ड से जुड़े रहे। कॉर्रपोरेट जिम्मेदारियों के अलावा, उन्हें गवर्नेंस, इन्वेस्टमेंट और रणनीतिक मामलों पर टाटा के सबसे करीबी सलाहकारों में से एक माना जाता था। रतन टाटा के निधन के बाद मिस्त्री को उनकी वसीयत के एक्जीक्यूटर्स में से एक नामित किया गया था।


आरएनटी एसोसिएट्स से उनका इस्तीफा पिछले कुछ महीनों में टाटा से जुड़ी कंपनियों में हुए कई गवर्नेंस बदलावों के बाद आया है। अक्टूबर 2025 में ट्रस्ट में दोबारा नियुक्ति को मंजूरी नहीं मिलने के बाद मिस्त्री सर रतन टाटा ट्रस्ट, सर दोराबजी टाटा ट्रस्ट और बाई हीराबाई जेएन टाटा नवसारी चैरिटेबल इंस्टीट्यूशन ट्रस्ट के ट्रस्टी नहीं रहे। हालांकि वह टाटा एजुकेशन एंड डेवलपमेंट ट्रस्ट (TEDT) के ट्रस्टी के तौर पर काम करते रहेंगे।

मनीकंट्रोल की रिपोर्ट के मुताबिक मामले के जानकारों ने बताया कि मिस्त्री के हटने से रतन टाटा से जुड़े ट्रस्टों के लिए आरएनटी एसोसिएट्स के इन्वेस्टमेंट पोर्टफोलियो पर ज्यादा कंट्रोल हासिल करने का रास्ता साफ होने की उम्मीद है। उन्होंने कहा कि यह बदलाव रतन टाटा की वसीयत को लागू करने और उनके पर्सनल इन्वेस्टमेंट और चैरिटी से जुड़े कामों से जुड़ी कंपनियों में गवर्नेंस के बड़े स्तर पर किए जा रहे रीस्ट्रक्चरिंग का हिस्सा है। इस पर कॉरपोरेट और स्टार्टअप्स की करीब से नजर है क्योंकि रतन टाटा की इन्वेस्टमेंट लिगेसी को आकार देने और देश के कई स्टार्टअप्स को आगे बढ़ाने में आरएनटी एसोसिएट्स की बड़ी भूमिका रही है।

RNT Associates के बारे में

वर्ष 2009 में बनी आरएनटी एसोसिएट्स रतन टाटा की पर्सनल इंवेस्टमेंट कंपनी रही है। इसी के जरिए उन्होंने देश के कई प्रमुख स्टार्टअप्स में निवेश किया। पब्लिक इन्वेस्टमेंट डेटाबेस और मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक इस प्लेटफॉर्म ने ब्लूस्टोन (BlueStone), ओला इलेक्ट्रिक (Ola Electric), कारदेखो (CarDekho), मोगलिक्स (Moglix), अर्बन कंपनी (Urban Company), लेंसकार्ट (Lenskart), क्योरडॉटफिट (Cure.fit), कैशकरो (CashKaro) और फर्स्टक्राई (FirstCry) जैसी कई कंपनियों में निवेश किया है। यह इन्वेस्टमेंट वेईकल UC-RNT Fund से भी जुड़ी रही है, जोकि ग्लोबल टेक्नोलॉजी वेंचर्स में निवेश करने के लिए यूनिवर्सिटी ऑफ कैलिफोर्निया के साथ बनाई गई एक टेक्नोलॉजी-फोकस्ड इन्वेस्टमेंट पार्टनरशिप है।

रिपोर्ट्स के मुताबिक आरएनटी एसोसिएट्स ओवरसीज इंवेस्टमेंट पोर्टफोलियो मैनेज करने वाली आरएनटी एसोसिएट्स सिंगापुर की होल्डिंग कंपनी है। आरएनटी एसोसिएट्स का घरेलू पोर्टफोलियो करीब ₹1 हजार करोड़ का है तो सिंगापुर एंटिटी करीब $3 करोड़ (करीब ₹250–₹260 करोड़) का निवेश संभाल रही है।

आरएनटी एसोसिएट्स ने दस साल में कंज्यूमर टेक्नोलॉजी, ई-कॉमर्स, मोबिलिटी, हेल्थकेयर, सस्टेनेबिलिटी और एंटरप्राइज टेक्नोलॉजी जैसे सेक्टर्स के कई स्टार्टअप्स में निवेश किया। इनमें से कई कंपनियां बाद में यूनिकॉर्न बनीं तो कई शेयर मार्केट में लिस्ट हुईं, जिससे रतन टाटा की पहचान देश के सबसे प्रभावशाली एंजेल निवेशकों में बनी।

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