टाटा संस (Tata Sons) के चेयरमैन एन चंद्रशेखरन का कहना है कि 2022 की दूसरी छमाही में बढ़ी हुई मुद्रास्फीति (Inflation) अगले साल मॉडरेट यानी कुछ कम हो सकती है। लेकिन इसके साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि ग्लोबल ग्रोथ में मंदी उत्पादन पर असर डाल सकती है। चंद्रशेखरन ने आज 26 दिसंबर को टाटा ग्रुप के कर्मचारियों को लिखे एक पत्र में कहा कि ग्लोबल एनवायरनमेंट में कई रिस्क फैक्टर हैं, जिनमें यूरोप में ऊर्जा संकट, मंदी से बचने के लिए इन्फ्लेशन को रोकने की लड़ाई और जियो-पोलिटिकल टेंशन शामिल हैं। वहीं, एन चंद्रशेखरन ने यह भी कहा कि साल 2022 टाटा ग्रुप के लिए बेहतर रहा है और ग्रुप ने कई उपलब्धियां हासिल की हैं।
