TCS का AI पर बड़ा दांव; चेयरमैन ने इस कारण कहा- खतरा नहीं, ग्रोथ का मौका

TCS and AI: एक तरफ आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यानी एआई को रोजगार के लिए खतरे की घंटी बताई जा रही है तो दूसरी तरफ देश की सबसे बड़ी आईटी कंपनी टीसीएस का कहना है कि यह तो खतरा नहीं बल्कि ग्रोथ का शानदार मौका है। टीसीएस के मुताबिक एआई एजेंट्स की संख्या एंप्लॉयीज के बराबर होने वाली है और एआई रेवेन्यू बढ़कर पहले ही $250 करोड़ के करीब पहुंच चुका है। जानिए टीसीएस एआई को खतरा क्यों नहीं मान रही है

अपडेटेड Jun 09, 2026 पर 1:04 PM
TCS and AI: पहले के तकनीकी बदलावों से तुलना करते हुए टीसीएस के चेयरमैन एन चंद्रशेखरन ने कहा कि एआई के चलते लागत कम होने पर कई इंडस्ट्रीज में टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल बढ़ेगा और डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन प्रोजेक्ट्स की मांग बढ़ेगी।

TCS News: देश की सबसे बड़ी आईटी कंपनी कई एआई एजेंट्स पर काम कर रही है। कंपनी का मानना है कि वह समय अब अधिक दूर नहीं है, जब टीसीएस में जितने एंप्लॉयीज होंगे, उतनी ही संख्या एआई एजेंट्स की हो। ये बातें टीसीएस के चेयरमैन एन चंद्रेशखरन ने एजीएम में आने वाले दौर में एआई को लेकर कंपनी के दृष्टिकोण को लेकर कही। उन्होंने कंपनी के बिजनेस में एआई की बढ़ती हिस्सेदारी का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि पिछली चार तिमाहियों से टीसीएस एआई का रेवेन्यू लगातार 22% की रफ्तार यानी CQGR से बढ़ा है। पिछली तिमाही में एआई का एनुअलाइज्ड रेवेन्यू करीब $250 करोड़ था।

AI कोई खतरा नहीं, बल्कि ग्रोथ का मौका

ऑर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) को लेकर लगातार चिंताएं जा रही हैं कि इससे खतरा हो सकता है। हालांकि टीसीएस के चेयरमैन का कहना है कि यह ग्रोथ का एक बड़ा मौका है, न कि कोई खतरा। उन्होंने कहा कि एआई के चलते ट्रेडिशनल आईटी सर्विसेज मॉडल के कमजोर होने की चिंता आधारहीन है। चंद्रशेखरन के मुताबिक बड़ी कंपनियों में कॉम्प्लेक्स टेक्नोलॉजीज को लगाने में इंडस्ट्री की कोर स्ट्रेंथ आज भी काफी अहम है।


एआई से कैसे मिलेगा सपोर्ट

पहले के तकनीकी बदलावों से तुलना करते हुए उन्होंने कहा कि एआई के चलते लागत कम होने पर कई इंडस्ट्रीज में टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल बढ़ेगा और डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन प्रोजेक्ट्स की मांग बढ़ेगी। जैसे-जैसे बिजनेस प्रोसेसेज, डिसीजंनस और कस्टमर इंट्रैक्शंस एआई से लैस होंगे, टेक्नोलॉजी पर खर्च बढ़ने की उम्मीद है जिससे आईटी सर्विसेज फर्म्स के लिए नए मौके पैदा होंगे। चंद्रशेखरन का कहना है कि एआई सिर्फ ऑटोमेशन तक सीमित नहीं है, बल्कि यह सप्लाई चेन से लेकर ग्राहकों के जुड़ाव तक पूरे बिजनेस ऑपरेशंस को नए सिरे से डिज़ाइन करने का जरिया है। उन्होंने एक वैश्विक बैंक के साथ टीसीएस के काम का उदाहरण देते हुए बताया कि कंपनी ने ऐसा एआई प्लेटफॉर्म डेवलप किया है जो पूरे कस्टमर प्रोसेस को संभाल सकता है।

उन्होंने बड़े पैमाने पर एआई सिस्टम के मैनेजमेंट के बढ़ते महत्व पर भी जोर दिया। चंद्रशेखरन का कहना है कि जैसे-जैसे एआई एजेंट सीखेंगे, डेवलप होंगे और स्वतंत्र तरीके से काम करेंगे; कंपनियों को ट्रेनिंग, गवर्नेंस, कंप्लॉयंस, निगरानी (Monitoring) और कॉस्ट मैनेजमेंट में मदद की जरूरत होगी। उन्होंने इन क्षेत्रों को टेक सर्विसेज देने वाली कंपनियों के लिए लंबे समय के लिए अहम मौके के तौर पर बताया।

चंद्रशेखरन ने यह भी कहा कि सरकारों और रेगुलेटेड सेक्टर्स को डेटा, कंप्लॉयंस और सिक्योरिटी पर अधिक कंट्रोल चाहिए, जिसके चलते सोवरेन एआई इंफ्रा की मांग बढ़ रही है। उन्होंने कहा कि TCS ने इन जरूरतों को पूरा करने के लिए भारत और यूरोप में पहले ही सॉवरेन एआई इंफ्रास्ट्रक्चर सॉल्यूशंस लॉन्च कर दिए हैं, साथ ही ग्राहकों को उनकी मौजूदा तकनीकी प्रणालियों को एआई से तालमेल बिठाने में मदद कर रही है।

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