इंटरनेशनल क्रिप्टोकरेंसी एक्सचेंज बाइनेंस (Binance) के को-फाउंडर और पूर्व सीईओ चांगपेंग झाओ (Changpeng Zhao) को अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने माफी दे दी है। ट्रंप ने अपने संवैधानिक अधिकार का इस्तेमाल करते हुए यह कदम उठाया। व्हाइट हाउस ने 23 अक्टूबर को इस माफीनामे की आधिकारिक घोषणा की है। झाओ को पिछले साल मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़े उल्लंघनों के मामले में दोषी ठहराया गया था।
बाइडेन प्रशासन की कार्रवाई का जवाब
व्हाइट हाउस की प्रेस सेक्रेटरी कैरोलिन लेविट के मुताबिक, ट्रंप ने यह माफी इसलिए दी क्योंकि झाओ को बाइडेन प्रशासन की एंटी-क्रिप्टो मुहिम के तहत निशाना बनाया गया था। ट्रंप प्रशासन इस फैसले के जरिए यह संदेश देना चाहता है कि वह क्रिप्टो उद्योग के प्रति सकारात्मक रुख रखते हैं। खासकर अमेरिकी बाजार में बाइनेंस की संभावित वापसी को लेकर।
झाओ ने खुद मानी थी अपनी गलती
झाओ ने 2024 में यह स्वीकार किया था कि उन्होंने बाइनेंस में मनी लॉन्ड्रिंग रोकने के लिए जरूरी नियंत्रण प्रणाली लागू नहीं की थी। इस कारण उन्हें चार महीने की जेल की सजा हुई थी। इसके साथ ही, बाइनेंस ने अमेरिकी सरकार के साथ 4.3 अरब डॉलर के जुर्माने का समझौता किया था। इसमें कंपनी ने कई नियमों के उल्लंघन को स्वीकार किया था।
झाओ को माफी पर सियासी हलचल
ट्रंप के इस माफीनामे ने अमेरिकी कंजरवेटिव्स में मतभेद पैदा कर दिए हैं। कुछ लोग इसे राजनीतिक फायदा मान रहे हैं, जबकि कुछ इसे क्रिप्टो उद्योग के सुधार की दिशा में एक कदम कह रहे हैं। झाओ ने हाल ही में ट्रंप परिवार के डिजिटल क्रिप्टो वेंचर ‘वर्ल्ड लिबर्टी फाइनेंशियल’ (World Liberty Financial) के साथ साझेदारी की है। माना जा रहा है कि यह साझेदारी इस माफी के फैसले में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है।
ट्रंप की माफी देने की लंबी सूची
यह माफीनामा ट्रंप की उन कई हाई-प्रोफाइल माफियों में से एक है, जो उन्होंने वित्तीय अपराधों में दोषी उद्योगपतियों को दी हैं। एक्सपर्ट्स के मुताबिक, यह कदम ट्रंप की उस रणनीति का हिस्सा है, जिसमें वे अपने प्रशासन को व्यापारिक हितों के प्रति नरम दिखाना चाहते हैं।
Binance के लिए नया रास्ता खुला
ट्रंप के इस कदम से बाइनेंस के लिए अमेरिकी बाजार में दोबारा प्रवेश का रास्ता खुल सकता है। यह कंपनी के लिए बड़ी राहत साबित होगी। हालांकि, बाइनेंस की ओर से इस फैसले पर अभी कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है।
यह फैसला न केवल क्रिप्टो उद्योग के नियामक ढांचे पर असर डाल सकता है, बल्कि वैश्विक वित्तीय बाजारों की धारणा को भी प्रभावित कर सकता है। एक्सपर्ट्स का मानना है कि आने वाले समय में इस माफीनामे का क्रिप्टो मार्केट पर सकारात्मक प्रभाव देखने को मिल सकता है।