शेयरों के परफॉर्मेंस का अंदाजा लगान में कई बार दिग्गज इन्वेस्टर्स भी मात खा जाते हैं। वेल्स फार्गो एंड कंपनी (Well Fargo and co.) का शेयर इसका मिसाल है। इस शेयर ने पिछले साल सबसे ज्यादा रिटर्न दिया। इसका परफॉर्मेंस एपल (Apple) और बैंक ऑफ अमेरिका (Bank of America) के शेयरों से भी बढ़िया रहा। लेकिन, वॉरेन बफे (Warren buffet) की कंपनी बर्कशायर हैथवे (Berkshire Hathway) ने इस शेयर में अपना निवेश घटाया।
बर्कशायर हैथवे इन्वेस्टर्स को अपनी होल्डिंग के बारे में आने वाले दिनों में जानकारी देगी। लेकिन, अभी तक उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, बर्कशायर वेल्स फार्गो में तेजी का फायदा उठाने का मौका चूक गई। हालांकि, यह बैंक लंबे समय तक बर्कशायर के पोर्टफोलियो का हिस्सा रहा है। खुद बफे हमेशा इसकी तारीख करते रहे हैं।
लेकिन, वेल्स फार्गों पर लगे घोटाले के आरोप के बाद बर्कशायर ने इसमें अपना इन्वेस्टमेंट घटा दिया। 2019 के अंत में बर्कशायर के पास वेल्थ फार्गो के 32.3 करोड़ शेयर थे। पिछले साल शेयरों की संख्या घटकर करीब 6.75 लाख रह गई। पिछले साल इस शेयर में आई तेजी की वजह यह खबर थी कि इसके सीईओ चार्ली शार्फ बैंक की सेहत सुधारने की लगातार कोशिश कर रहे हैं।
शार्फ और उनकी टीम ने रेगुलेटर से जुड़े कई मसलों का निपटारा किया था। साथ ही बैंक का प्रॉफिट बढ़कर दस गुना हो गया। साल 2020 में उसके प्रॉफिट में बड़ी गिरावट आई थी। दरअसल, बफे ने 2017 से ही वेल्स फार्गों में अपनी हिस्सेदारी घटानी शुरू कर दी थी। कोरोना की शुरुआत के बाद से उन्होंने इस शेयर में बिकवाली बढ़ा दी। 2016 में बैंक में घोटाले की खबरें आनी शुरू हुई थीं। दरअसल, बफे बहुत उच्च नैतिक मानदंडों का पालन करते हैं।
बर्कशायर हैथवे के पोर्टफोलियो में कई दिग्गज कंपनियों के शेयर शामिल हैं। इनमें एपल, बैंक ऑफ अमेरिका, अमेरिकन एक्सप्रेस, कोका कोला, क्राफ्ट हिंज और मूडीज शामिल हैं। एपल में बर्कशायर के इन्वेस्टमेंट की वैल्यू 130 अरब डॉलर है। बैंक ऑफ अमेरिका में इन्वेस्टमेंट की वैल्यू 44.7 अरब डॉलर है। अमेरिकन एक्सप्रेस में निवेश की वैल्यू 27 अरब डॉलर है।