इस बार स्विट्जरलैंड के दावोस (Davos) में होने वाली World Economic Forum (WEF) की बैठक में इंडिया का डंका बजेगा। यह बैठक 23 से 25 मई को हो रही है। यह बैठक कई मायनों में खास है। कोरोना की महामारी के चलते दो साल बाद WEF का आयोजन हो रहा है। पिछले दो सालों में वैश्विक मंच पर इंडिया की धाक बढ़ी है। इंडिया न सिर्फ दूसरों से पहले कोरोना की वैक्सीन बनाने में सफल रहा बल्कि इसने दुनिया के कई देशों को वैक्सीन दिया है। इंडियन डेलिगेशन तीन दिन तक चलने वाले इस आयोजन में दुनिया को बदलते भारत की ताकत से रूबरू कराएगा।
कॉमर्स एंड इंडस्ट्री मिनिस्टर पीयूष गोयल के नेतृत्व में इंडिया से दिग्गजों की एक बड़ी टीम दावोस जा रही है। इसमें केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री मनसुख लाल मांडविया, पेट्रोलियम मिनिस्टर हरदीप सिंह पुरी, छह राज्यों के मुख्यमंत्री और दूसरे सीनियर मिनिस्टर्स शामिल हैं। इन राज्यों में मध्य प्रदेश, तमिलनाडु, आंध्र प्रदेश, महाराष्ट्र, कर्नाटक और तेंलगाना शामिल हैं। इंडिया से कई सीनियर गवर्नमेंट ऑफिसर भी दावोस जा रहे हैं।'
इंडिया के उद्यमियों की भी एक बड़ी टीम जा रही है। इसमें हरि एस भरतिया, अमित कल्यानी, राजन भारती मित्तल, रॉनी स्क्रूवाला और सलिल एस पारेख शामिल हैं। ये लोग दावोस में होने वाले अलग-अलग चर्चाओं में शामिल होंगे। ये इंडिया की ग्रोथ और इनवेस्टमेंट के अनुकूल माहौल के बारे में दुनिया की दूसरी कंपनियों, नेताओं, अर्थशास्त्रियों को बताएंगे।
कॉमर्स एंड इंडस्ट्री मिनिस्ट्री ने कहा है, "यह इवेंट वैश्विक अर्थव्यवस्था को आकार देने में भारत की अहम स्थिति को बताने के लिहाज से मददगार होगा। खासकर तब जब अगले साल इंडिया G-20 की अध्यक्षता करने जा रहा है।" WEF इंडिया को इनवेस्टमेंट के अट्रैक्टिव डेस्टिनेशन के रूप में पेश करने के लिए भी सही मंच होगा। कोरोना की मार के बावजूद इंडिया दुनिया में सबसे तेजी से ग्रोथ करने वाली इकोनॉमी है। इंडिया की इकोनॉमी बुनियादी रूप से काफी मजबूत है।
सरकार WEF में इंडिया में पिछले कुछ सालों में रिफॉर्म्स के उठाए गए कदमों के बारे में पूरी दुनिया को बताएगी। इनमें बिजनेस रिफॉर्म्स, एनर्जी ट्रांजिशन, डिजिटल इकोनॉमी, नेशनल मॉनेटाइजेशन पाइपलाइन, स्टार्टअप्स सहित कई पहल शामिल हैं। इंडियन टीम में शामिल केंद्र सरकार के मिनिस्टर्स और राज्यों के मिनिस्टर्स अपने-अपने डिपार्टमेंट और राज्यों में चल रहे प्रोजेक्ट के बारे में दूसरे देशों के नेताओं को बताएंगे।