महंगी दवाओं पर ट्रेड मार्जिन ज्यादा है। खासकर उन दवाओं के मामले में ऐसा है, जिनकी कीमत प्रति टैबलेट 100 रुपये से ज्यादा है। नेशनल फार्मास्युटिकल्स प्राइसिंग अथॉरिटी (NPPA) के एनालिसिस से यह जानकारी मिली है। न्यूज वेबसाइट न्यूज18 डॉटकॉम ने यह खबर दी है। एनपीपीए का काम दवाओं की कीमतों को कंट्रोल में रखना है। यह दवा कंपनियों का रेगुलेटर है।
एनपीपीए ने शुक्रवार को दवा बनाने वाली बड़ी कंपनियों के प्रतनिधियों से मुलाकात की। इसमें नॉन-शिडयूल्ड मेडिसिंस पर ट्रेडर्स के मार्जिन को तर्कसंगत बनाने पर चर्चा हुई। ट्रेड मार्जिन रेशनलाइजेशन (TMR) दवाओं की कीमतों को तर्कसंगत बनाने का एक तरीका है। इसमें सप्लाई चेन में ट्रेड मार्जिन की सीमा तय कर दी जाती है।
मैन्युफैक्चर्स जिस कीमत पर दवा बेचता है और ग्राहक जिस कीमत (MRP) दवा खरीदता है, उसके बीच के अंतर को ट्रेड मार्जिन (Trade Margin) कहा जाता है। किसी टैबलेट की कीमत जैसे-जैसे बढ़ती है, उसका ट्रेड मार्जिन वैसे-वैसे बढ़ता जाता है।
50-100 रुपये कीमत की रेंज में आने वाले 2.97 फीसदी टैबलेट का ट्रेड मार्जिन 50-100 फीसदी के बीच है। इस कैटेगरी की 1.25 फीसदी दवाओं का मार्जिन 100-200 फीसदी के बीच है। 2.41 फीसदी दवाओं का मार्जिन 200 से 500 फीसदी है।
एनपीपीए के मुताबिक, अगर 100 रुपये से ज्यादा कीमत वाले टैबलेट की बात करें तो इनमें से 8 फीसदी का मार्जिन करीब 200 से 500 फीसदी के बीच है। 2.7 फीसदी का मार्जिन करीब 500 से 1000 फीसदी है। 1.48 फीसदी का मार्जिन 1000 फीसदी से ज्यादा है।
ड्रग रेगुलेटर के एनालिसिस से पता चला है कि इंडिया में नॉन-शेड्यूल दवाओं का सालाना टर्नओवर 1.37 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा है। यह इंडिया में फार्मा मार्केट के सालाना टर्नओवर का करीब 81 फीसदी है। इसलिए दवाओं के मार्जिन में कमी करने की बहुत गुंजाइश है।
एनपीपीए और दवा कंपनियों की मीटिंग में शामिल एक सरकारी अधिकारी ने न्यूज18 डॉट कॉम को बताया, "हमने इंडस्ट्री के साथ इंप्लीमेंटेशन एप्रोच और कैलकुलेशन मैथोडलॉजी के बारे में बातचीत की। फार्मा कंपनियों ने यह माना कि टीएमआर अच्छी पहल है और इससे दवाओं की कीमतें बड़ी कमी आएगी।"
अगर NPPA की पहल से महंगी दवाओं खासकर टैबलेट की कीमतों में कमी आती है तो इससे लोगों को बहुत फायदा होगा। अब भी देश की ज्यादातर आबादी की आर्थिक स्थिति बहुत अच्छी नहीं है। ऐसे में दवाओं पर उनकी इनकम का बड़ा हिस्सा खर्च हो जाता है।