कई क्रिप्टो इनवेस्टर्स हार्डवेयर वॉलेट्स (Hardware Wallets) का इस्तेमाल शुरू कर रहे हैं। इसका मकसद FTX एक्सचेंज डूबने के बाद अपने होल्डिंग्स को सुरक्षित करना है। हार्डवेयर वॉलेट्स की शुरुआती कीमत 30 डॉलर (2,440 रुपये) है। इसमें दो चिप लगे होते हैं। पहले का इस्तेमाल यूजर के प्राइवेट की (Private key) को स्टोर करने के लिए होता है। दूसरे का इस्तेमाल इंटरनेट से कनेक्ट करने के लिए होता है।
अधिकतर हॉर्डवेयर वॉलेट्स सिक्योरिटी फीचर्स भी ऑफर करते हैं। इनमें टू-फैक्टर ऑथेंटिकेशन, बायोमेट्रीक सिक्योरिटी और डिवाइस के लिए एक डेडिकेटेड लॉक-पिन शामिल होती हैं।
हार्डवेयर वॉलेट्स मैन्युफैक्चरर्स की सेल्स रिकॉर्ड तोड़ रही है। डिसेंट्रलाइज्ड एक्सचेंजेज ट्रांजेक्शन के लिए अपने नेटिव टोकंस पर निर्भर करते हैं, जबकि हार्डवेयर वॉलेट्स कई ब्लॉकचेंस के साथ काम करते हैं। इससे ये सभी तरह के क्रिप्टो एसेट के स्टोरेज के लिए एक पोर्टेबल सॉल्यूशन बन जाते हैं। इमें नॉन-फंजिबल टोकंस (NFT) भी शामिल हैं।
यूजर की प्राइवेट कीज की ऑफलाइन स्टोरेज की वजह से हार्डवेयर वॉलेट्स सबसे अच्छा सेल्फ-कस्टडी सॉल्यूश ऑफर कर रहे हैं। इससे यूजर्स को ऑनलाइन अटैक से सुरक्षा मिलती है। हार्डवेयर वॉलेट मैन्युफैक्चरर Ledger ने नवंबर के दूसरे हफ्ते में सबसे ज्यादा साप्ताहिक सेल्स हासिल की। इसकी वजह FTX के डूबने की आशंका से जुड़ी खबरे रहीं।
लेजर की बिक्री के आंकड़ों का पता नहीं चल सका है। लेकिन, हार्डवेयर मैन्युफैक्चरर ट्रेजर के सीईओ ने भी कहा है कि सेल्स में बढ़ोतरी हुई है। आने वाले दिनों में क्रिप्टो यूजर्स के हार्डवेयर वॉलेट्स पर शिफ्ट होने का ट्रेंड बढ़ेगा। इसकी वजह इनवेस्टर्स के बीच सेंट्रलाइज्ड एक्सचेंजों की तरफ से उपलब्ध कराई जा रही सिक्योरिटी को लेकर आशंका है।
FTX में वित्तीय गड़बड़ियों के अलावा क्रिप्टो मार्केट्स पर बड़ी चोट के पीछे सोलोना अटैक का भी हाथ है। अब यह साफ हो चुका है कि एक्सचेंज जिस तरह की फंडिंग प्रैक्टिसेज पर काम कर रहे हैं, उससे एक ही झटके में इनवेस्टर्स को अपने क्रिप्टो टोकंस से हाथ धोना पड़ सकता है। उधर, हार्डवेयर या कोल्ड वॉलेट्स में यूजर को अपनी कीज की सुरक्षा करनी पड़ती है। इससे उन्हें अपनी होल्डिंग्स पर पूरा नियंत्रण मिलता है।