सरकार ने जून महीने में जीरो विंडफॉल टैक्स को जारी रखने का फैसला किया है। इसके तहत पेट्रोलियम क्रूड, एटीएफ, डीजल और पेट्रोल पर विंडफॉल टैक्स को शून्य पर बरकरार रखने का निर्णय लिया गया है। 16 मई को सरकार ने विंडफॉल टैक्स को लेकर एक नोटिफिकेश जारी किया था। इस नोटिफिकेश के तहत ONGC और रिलायंस इंडस्ट्रीज जैसी पेट्रोलियम कंपनियों द्वारा घरेलू स्तर पर उत्पादित कच्चे तेल पर विंडफॉल टैक्स 4100 रुपये प्रति टन से घटाकर शून्य कर दिया गया था। अब सरकरा ने 16 मई के नोटिफिकेशन में कोई बदलाव नहीं किया है। इसका मतलब है कि यह फैसला आगे भी जारी रहेगा।
पेट्रोल, डीजल और ATF पर भी जीरो विंडफॉल टैक्स
सरकार ने पेट्रोल, डीजल और एविएशन टरबाइन फ्यूल (ATF) पर विंडफॉल टैक्स को जीरो पर बरकरार रखा है। इसका मतलब है कि इन पेट्रोलियम प्रोडक्ट्स पर कोई विंडफॉल टैक्स नहीं लगेगा। बता दें कि विंडफॉल टैक्स का आम लोगों पर कोई असर नहीं होता है। केंद्र सरकार हर 15 दिनों में विंडफॉल टैक्स की समीक्षा करती है। केंद्र सरकार ने कच्चा तेल निकालने वाली कंपनियों पर पिछले साल जुलाई 2022 में विंडफाल टैक्स लगाया था। इसके बाद इसे पेट्रोल, डीजल और हवाई ईंधन पर भी लगा दिया गया जब निजी कंपनियों ने विदेशी बाजारों से मजबूत मुनाफा कमाने की कोशिश की।
क्या होता है विंडफॉल टैक्स
विंडफाल टैक्स ऐसी परिस्थितियों में लगाया जाता है जब किसी बाहरी वजह के चलते किसी कंपनी या इंडस्ट्री एकाएक मुनाफा अचानक से बढ़ जाए। जैसे कि विदेशों में किसी क्राइसिस के दौरान वहां तेल महंगा हो जाए तो इससे कंपनियों का मुनाफा एकाएक बढ़ जाता है। सरकार ने जुलाई 2022 पेट्रोल और ATF पर 6 रुपए प्रति लीटर और डीजल पर 13 रुपए प्रति लीटर विंडफॉल टैक्स लगाया था। इसके बाद सरकार ने 20 जुलाई को पेट्रोल के निर्यात पर ये टैक्स खत्म कर दिया था।