फाइनेंशियल टेक्नोलॉजी फर्म जेस्टमनी (ZestMoney) के मौजूदा निवेशकों ने कंपनी को फंड मुहैया कराया गया है। इन निवेशकों में क्योना कैपिटल (Quona Capital), फ्लरिश वेंचर्स (Flourish Ventures), जिप (Zip), स्कार्लेट कैपिटल (Scarlet Capital) आदि शामिल हैं। कुछ महीने पहले जेस्टमनी के फाउंडर्स ने कंपनी से इस्तीफा दे दिया था।
नई फंडिंग से इस स्टार्टअप फर्म को काफी राहत मिलेगी, जो पिछले कुछ समय से फंड की कमी का सामना कर रही है। इससे कंपनी को मुनाफा हासिल करने में भी मदद मिलेगी। कंपनी की तरफ से जारी बयान में कहा गया है, 'कंपनी मुनाफा हासिल करने की कोशिश में जुटी है और नई फंडिंग से कंपनी के बिजनेस को सहारा मिलेगा।
कंपनी के निवेशकों में अंतरराष्ट्रीय और घरेलू फिनटेक इनवेस्टर्स शामिल हैं। ये निवेशक कंपनी में निवेश के अगले चरण को लेकर काफी उत्साहित हैं।' ZestMoney का कहना है कि कंपनी को पर्याप्त फंडिंग मिली है और इससे जल्द वह मुनाफा हासिल करने में सक्षम होगी।
कंपनी के बयान के मुताबिक, 'मौजूदा समय में फिनटेक सेक्टर में फंड जुटाना इस बात का सबूत है कि Zest का मॉडल सही दिशा में काम कर रहा है।' ZestMoney की को-फाउंडर लिज्जी चैपमैन (Lizzie Chapman) ने मनीकंट्रोल (Moneycontrol) को बताया था कि मौजूदा निवेशक कंपनी को फंड मुहैया कराएंगे। उन्होंने कहा था, 'निवेशक इस आइडिया पर काम कर रहे हैं और इसके लिए सभी निवेशकों के बीच सहमति बनाई जा रही है।'
कंपनी ने निवेश की रकम के बारे में जानकारी नहीं दी है। हालांकि, सूत्रों ने मनीकंट्रोल को बताया कि यह रकम 50 लाख से 1 करोड़ डॉलर के बीच है। फोनपे (PhonePe) ने ड्यू डिलिजेंस की चिंताओं की वजह से मार्च में जेस्टमनी के साथ डील रद्द कर दी थी।
अगर यह डील होती, तो फोनपे को कंपनी के अधिग्रहण के लिए 20-30 करोड़ डॉलर का भुगतान करना पड़ता। सूत्रों के मुताबिक, फंड की कमी की वजह से जेस्टमनी पिछले एक साल से खरीदार की तलाश कर रही थी। कंपनी की शुरुआत 2016 में हुई थी और इसके पास 1.7 करोड़ ग्राहक हैं।