मिंट की रिपोर्ट के अनुसार ऑफ बड़ौदा के अनुमान के मुताबिक, अगर एक साल तक क्रूड की कीमतों में $1 प्रति बैरल की लगातार बढ़ोतरी होती है, तो भारत के इंपोर्ट बिल में ₹18,000 करोड़ का इजाफा हो सकता है। देश का सालाना तेल इंपोर्ट बिल लगभग $120 बिलियन है और यह कुल मर्चेंडाइज़ इंपोर्ट का 17-25% है। पेट्रोलियम प्लानिंग एंड एनालिसिस सेल के डेटा के अनुसार, अप्रैल-जून के दौरान भारत का कच्चा तेल आयात बिल बढ़कर 49.8 अरब डॉलर हो गया। ग्लोबल स्तर पर कीमतें बढ़ने के कारण इसमें साल-दर-साल 61% की बढ़ोतरी हुई है, जो पिछले फाइनेंशियल ईयर के कुल तेल आयात बिल का 40% है।