Crude Price : क्रूड की चाल सुस्त हो गई है। कच्चा तेल एक दिन में 1 फीसदी गिरा है। 5 दिन की तेजी के बाद क्रूड में गिरावट आई है। गिरावट के बाद भी ब्रेंट 74 डॉलर के ऊपर कायम है। WTI क्रूड में भी 71 डॉलर के ऊपर कारोबार कर रहा है। MCX पर क्रूड का भाव 6100 रुपए के नीचे फिसला है। क्रूड में गिरावट के बड़े कारणों पर नजर डालें तो US राष्ट्रपति चुनावों के नतीजों से पहले गिरावट आई है। चीन के NPC की बैठक पर भी बाजार की नजर है। 8 नवंबर तक चीन के NPC की बैठक चलेगी। 7 नवंबर को US फेड ब्याज दरों पर फैसला लेगा बाजार को अमेरिका में दरें 0.25 फीसदी घटने की उम्मीद है। राफेल तूफान से गल्फ ऑफ मेक्सिको में उत्पादन गिरा है।
इस बीच सिटी ग्रुप ग्रुप के ग्लोबल हेड मैक्स लेटन ने 2025 में कमोडिटी की डिमांड बढ़ने की बात कही है। उन्होंने कहा है कि अगले 6-12 महीनों में सोना-चांदी समेत सभी कमोडिटी में तेजी देखी जाएगी। मैक्स लेटन का कहना है कि अगले 6 महीने में सोना 3,000 डॉलर प्रति औंस तक पहुंच सकता है। वहीं, चांदी के 40 डॉलर प्रति औंस तक जाने की उम्मीद है। वहीं, कच्चा तेल 60 डॉलर प्रति बैरल तक गिर सकता है।
एनर्जी एक्सपर्ट नरेंद्र तनेजा का कहना है कि डोनाल्ड ट्रंप अब अमेरिका के नए प्रेसीडेंट होंगे। डोनाल्ड ट्रंप के नजरिए को देखते हुए लगता है कि आगे एनर्जी सेक्टर में भारी बदलाव आएगा। अमरिका में ट्रंप की जीत से उनके अमेरिकी समर्थक तो खुश होंगे ही, इसके साथ ही चीन, रूस और ईरान भी खुश होंगे। इसके अलावा ट्रंप की जीत से सऊदी अरब, यूएई और वेनेजुएला भी खुश हैं। पिछले चार साल से रिन्यएबल एनर्जी को जिस तरह से महिमा मंडित करते हुए क्रूड को खलनायक बनाने की कोशिश हुई थी उसमें अब बदलाव आएगा। अब तेल क्षेत्र में फिर से निवेश बढ़ेगा। आगे तेल की कीमते 65 डॉलर के आसपास रहेंगी। ट्रंप के राष्ट्रपति बनने से ग्लोबल महंगाई में गिरावट आएगी।