एग्री कमोडिटी में आज बात करेंगे मूंगफली की। देश में मूंगफली की बुआई घटी है। खरीफ में मूंगफली की बुआई 7% घटी है। गुजरात में मूंगफली की बुआई 2 फीसदी घटी है। SEA का कहना है कि गुजरात में मूंगफली, कॉटन, सोयाबीन का उत्पादन घटा है। SEA ने कहा कि ज्यादा बारिश से फसलों को नुकसान हुआ है। गुजरात में मूंगफली की बुआई भी करीब 11% घटी है। 5 सालों के औसत से भी मूंगफली का उत्पादन घटा है। 5 सालों में गुजरात में मूंगफली का औसत का उत्पादन 30.5 लाख टन रहा है।
मूंगफली की बुआई घटने के कारण पर नजर डालें तो ज्यादा कीमत मिलने से कॉटन, सोयाबीन की बुआई बढ़ी है। पिछले सीजन में किसानों को कॉटन से ज्यादा मुनाफा मिला था। SEA का कहना है कि 2022-23 में उत्पादन कम रहने का अनुमान है जबकि 2021-22 में कुल उत्पादन 50 लाख टन था।
देश में मूंगफली की बुआई पर नजर डालें तो 2021-22 में 48.60 लाख हेक्टेयर बुआई हुई है जबकि 2022-23 में 45.10 लाख हेक्टेयर में मूंगफली की बुआई हुई है। बताते चलें कि गुजरात,राजस्थान , आंध्रप्रदेश और कर्नाटक मूंगफली उत्पादक राज्य है।
वहीं नॉन एग्री कमोडिटी की बात करें तो 93 डॉलर के नीचे ब्रेंट का भाव फिसला है। घरेलू क्रूड प्रोडक्शन पर विंडफॉल टैक्स 3000 रुपये प्रति टन बढ़ाया है। डीजल एक्सपोर्ट पर विंडफॉल टैक्स बढ़कर 12 रुपये लीटर हुआ है जबकि ATF के एक्सपोर्ट पर विंडफॉल टैक्स बढ़कर 3.50 रुपये प्रति लीटर हुआ है।
ब्रेंट की चाल फर नजर डालें तो 1 हफ्ते में इसमें 4 फीसदी की गिरावट देखने को मिली है जबकि 1 महीने में यह 2 फीसदी भागा है। वहीं 1 साल में इसमें 9 फीसदी की बढ़त देखने को मिली है। WTI की चाल पर नजर डाले तो 1 हफ्ते में इसमें 5 फीसदी की गिरावट देखने को मिली है जबकि 1 महीने में यह 1 फीसदी भागा है। वहीं 1 साल में इसमें 7 फीसदी की बढ़त देखने को मिली है।
वहीं एमसीएक्स पर कच्चे तेल की चाल पर नजर डालें तो 1 हफ्ते में इसमें 1 फीसदी की गिरावट देखने को मिली है जबकि 1 महीने में यह 9 फीसदी भागा है। वहीं 1 साल में इसमें 14 फीसदी की बढ़त देखने को मिली है।