Commodity News : वित्त वर्ष 2026 में भारत का इलायची निर्यात तीन गुना से ज्यादा बढ़कर 43.6 करोड़ डॉलर पर रहा

Commodity News : कॉमर्स मिनिस्ट्री के एक अधिकारी ने कहा कि एक्सपोर्ट में हुई जबरदस्त बढ़ोतरी से प्रीमियम मसालों की बढ़ती ग्लोबल मांग,बेहतर क्वालिटी का प्रोडक्शन और विदेशी खरीदारों के बीच भारतीय इलायची की बढ़ती पसंद का पता चलता है। इसकी खुशबू,क्वालिटी और शुद्धता की वजह से है दुनिया भर में मांग बढ़ी है

अपडेटेड Jul 17, 2026 पर 5:57 PM
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Commodity News : केरल देश में छोटी इलायची का सबसे बड़ा उत्पादक राज्य है,जो कुल उत्पादन का 56-58% से ज्यादा हिस्सा प्रोड्यूस करता है। केरल के मुख्य इलायची उत्पादक जिलों में इडुक्की,वायनाड और पलक्कड़ शामिल हैं

Commodity News : कॉमर्स मिनिस्ट्री के ताजे आंकड़ों के मुताबिक 2025-26 में भारत से साबुत इलायची का एक्सपोर्ट 43.68 करोड़ डॉलर पर रहा है। यह आंकड़ा 2023-24 में 13.19 करोड़ डॉलर पर रहा था। इसका मतलब है कि 2023-24 के मुकाबले 2025-26 में भारत से साबुत इलायची का एक्सपोर्ट तीन गुना से भी ज्यादा बढ़ा है। इन आंकड़ों से पता चलता है कि 2025-26 में साबुत इलायची का निर्यात में 43.68 करोड़ डॉलर रहा। जबकि 2024-25 में यह 20.12 करोड़ डॉलर और 2023-24 में 13.19 करोड़ डॉलर रहा था।

खुशबू,क्वालिटी और शुद्धता की वजह से बढ़ी मांग

मात्रा के हिसाब से देखें तो 2025-26 में साबुत इलायची का एक्सपोर्ट बढ़कर 16,399 टन हो गया। जबकि पिछले फाइनेंशियल ईयर में यह 7,674 टन और 2023-24 में 7,083 टन रहा था। कॉमर्स मिनिस्ट्री के एक अधिकारी ने कहा कि एक्सपोर्ट में हुई जबरदस्त बढ़ोतरी से प्रीमियम मसालों की बढ़ती ग्लोबल मांग,बेहतर क्वालिटी का प्रोडक्शन और विदेशी खरीदारों के बीच भारतीय इलायची की बढ़ती पसंद का पता चलता है। इसकी खुशबू,क्वालिटी और शुद्धता की वजह से है दुनिया भर में मांग बढ़ी है।


इन देशों को होता है सबसे ज्यादा एक्सपोर्ट

भारत से साबुत इलायची का एक्सपोर्ट मुख्यत: UAE ($135.22 मिलियन),सऊदी अरब ($125.16 मिलियन),बांग्लादेश ($47.71 मिलियन),कुवैत ($20 मिलियन),इराक ($13.71 मिलियन)और मलेशिया ($8.48 मिलियन) को होता है। नीदरलैंड,ऑस्ट्रेलिया,बहरीन,कनाडा,चीन,मिस्र और ईरान जैसे देश भी भारत से यह मसाला इम्पोर्ट करते हैं।

भारत में दो तरह की इलायची का होता है उत्पादन

भारत में इलायची की खेती मुख्य रूप से दो किस्मों में बंटी हुई है। छोटी इलायची,जो दक्षिणी पश्चिमी घाट में उगाई जाती है और बड़ी इलायची जिसकी खेती हिमालय के निचले उत्तर-पूर्वी इलाके में की जाती है।

इलायची के कुल उत्पादन में केरल की 56-58% हिस्सेदारी

केरल देश में छोटी इलायची का सबसे बड़ा उत्पादक राज्य है,जो कुल उत्पादन का 56-58% से ज्यादा हिस्सा प्रोड्यूस करता है। केरल के मुख्य इलायची उत्पादक जिलों में इडुक्की,वायनाड और पलक्कड़ शामिल हैं।

इसके बाद कर्नाटक का नंबर आता है,जहां इसकी खेती कूर्ग,हासन और चिकमगलूर में होती है। तमिलनाडु इसके उत्पादन में तीसरे नंबर पर आता है। जहां इसकी खेती मुख्य रूप से नीलगिरि,पलानी और पुलनी की पहाड़ियों में की जाती है।

 ज्यादा ऊंचाई वाले पूर्वोत्तर राज्यों में उगाई जाती है बड़ी इलायची

बड़ी इलायची,जिसका इस्तेमाल अक्सर आयुर्वेदिक दवाओं और मजेदार मसालों के मिश्रण में किया जाता है,मुख्य रूप से सिक्किम और अरुणाचल प्रदेश जैसे ज्यादा ऊंचाई वाले पूर्वोत्तर राज्यों में उगाई जाती है।

भारत में इलायची की खेती बड़े पैमाने पर की जाती है। इसे एक नगदी फसल के तौर पर भी उगाया जाता है। इसकी खेती के जरिए देश के किसान बंपर कमाई कर रहे हैं। इलायची की मांग देश के अलावा विदेश में भी है। इलायची का इस्तेमाल भोजन,कन्फेक्शनरी,पेय पदार्थों को बनाने के दौरान किया जाता है। इसके अलावा इसका उपयोग मिठाई में खुशबू के लिए भी किया जाता है।

 

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