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डॉलर में रिकवरी से क्रूड का तेवर पड़ा ठंडा, 1 हफ्ते में ब्रेंट 5% टूटा

डॉलर में रिकवरी से कच्चे तेल की कीमतों पर दबाव देखने को मिल रहा है। डॉलर इंडेक्स 102 के करीब पहुंचा है। यूएस की इवेंटी लगातार 6वें हफ्ते बढ़ी है। और जून 2021 के बाद सबसे ज्यादा रही है

MoneyControl Newsअपडेटेड Feb 03, 2023 पर 12:08 PM
डॉलर में  रिकवरी से क्रूड का तेवर पड़ा ठंडा, 1 हफ्ते में ब्रेंट 5% टूटा
कच्चे तेल की भाव में लगातार तीसरे दिन गिरावट देखने को मिल रही है। 1 हफ्ते में ब्रेट 5 फीसदी से भी ज्यादा फिसला है।

कच्चे तेल की भाव में लगातार तीसरे दिन गिरावट देखने को मिल रही है। 1 हफ्ते में ब्रेंच 5 फीसदी से भी ज्यादा फिसला है। आज 83 डॉलर के नीचे ब्रेंट क्रू्ड में कारोबार कर रहा है। वहीं WTI हफ्तेभर में करीब 5% तक लुढ़का है। 76 डॉलर के नीचे आज WTI क्रूड में कारोबार कर रहा है। घरेलू बाजार की बात करें तो एमसीएक्स पर कच्चा तेल 6250 रुपये के नीचे लुढ़का है।

जानिए क्यों बना कच्चे तेल में दबाव

दरअसल डॉलर में रिकवरी से कच्चे तेल की कीमतों पर दबाव देखने को मिल रहा है। डॉलर इंडेक्स 102 के करीब पहुंचा है। यूएस की इवेंटी लगातार 6वें हफ्ते बढ़ी है। और जून 2021 के बाद सबसे ज्यादा रही है। इस बीच यूरोपीय संघ क्रूड ऑयल के इंपोर्ट पर प्रतिबंध और रूसी कच्चे तेल पर G7 की प्राइस लिमिट के बाद रूसी कच्चे तेल की कमी की भरपाई की कोशिश कर रहा है। हाल के महीनों में यूरोप को एक्सपोर्ट किए जा रहे अमेरिकी कच्चे तेल की मात्रा में काफी बढ़ोतरी हुई है । चीन से क्रूड मांग बढ़ने की अनिश्चितता बनी हुई है। अमेरिका के कमजोर आर्थिक आंकड़े आए है। ओपेक अपने पुराने उत्पादन पर कायम है।

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