Duty-free cotton imports : ड्यूटी फ्री कॉटन इंपोर्ट की मियाद खत्म, चिंता में टेक्सटाइल मिल

Duty-free cotton imports : इंडस्ट्री ने सरकार से ये मियाद बढ़ाने की मांग की है। ये मियाद खत्म होने से ट्रांजिट वाले कॉटन पर असर पड़ सकता है। इस साल बारिश से कॉटन की क्वालिटी गिरी है। इस साल कॉटन का उत्पादन भी कम हुआ है। अब भी अमेरिका का 50 फीसदी टैरिफ कायम है। ड्यूटी फ्री कॉटन इंपोर्ट बंद होने से कॉटन मिलें प्रतिस्पर्धा में नहीं बने रह पाएंगी

अपडेटेड Jan 02, 2026 पर 12:34 PM
  • Follow Us On Google
  • Add as a Preferred Source on Google
Cotton price : कॉटन की MSP और मंडी भाव में 10000 रुपए प्रति कैंडी का अंतर है। CCI ने अब तक 64-65 लाख बेल्स खरीदे हैं

Duty-free cotton imports : ड्यूटी फ्री कॉटन इंपोर्ट की मियाद खत्म होने से टेक्सटाइल मिल्स चिंता में नजर आ रही हैं। 31 दिसंबर 2025 तक ही ड्यूटी फ्री कॉटन इंपोर्ट की मंजूरी थी। अगस्त 2025 में सरकार ने इसकी मंजूरी दी थी। अमेरिका के 50 फीसदी टैरिफ से राहत देने के लिए ये मंजूरी मिली थी। टेक्सटाइल मिल्स की चिंता ये है कि देश में कॉटन की सप्लाई पिछले साल से कम है। सप्लाई पिछले साल से 60 लाख बेल्स कम है। इस साल उत्पादन भी 300 लाख बेल्स से कम हुआ है।

इंडस्ट्री की सरकार से मांग

इंडस्ट्री ने सरकार से ये मियाद बढ़ाने की मांग की है। ये मियाद खत्म होने से ट्रांजिट वाले कॉटन पर असर पड़ सकता है। इस साल बारिश से कॉटन की क्वालिटी गिरी है। इस साल कॉटन का उत्पादन भी कम हुआ है। अब भी अमेरिका का 50 फीसदी टैरिफ कायम है। ड्यूटी फ्री कॉटन इंपोर्ट बंद होने से कॉटन मिलें प्रतिस्पर्धा में नहीं बने रह पाएंगी। कॉटन की MSP और मंडी भाव में 10000 रुपए प्रति कैंडी का अंतर है। CCI ने अब तक 64-65 लाख बेल्स खरीदे हैं।


देश का कॉटन इंपोर्ट

देश के कॉटन इंपोर्ट पर नजर डालें तो दिसंबर अंत तक 32 लाख बेल्स का इंपोर्ट हुआ है। 4-5 लाख लॉन्ग स्टेपल ऑस्टेलिया से आएगी। 3 लाख बेल्स कॉटन भी ऑस्टेलिया से आएगी। ये कॉटन अगले 9 महीनों में भारत पहुंचेगा। अफ्रीका से 4-5 लाख बेल्स भारत पहुंचेगी।

रॉ-कॉटन का इंपोर्ट

रॉ-कॉटन का इंपोर्ट के आंकड़ों पर नजर डालें तो 2024-2025 में 41.40 लाख बेल्स (170 किलो) का इंपोर्ट हुआ था। वहीं,2023-2024 में 15.20 लाख बेल्स, 2022-2023 में 14.60 लाख बेल्स, 2021-2022 में 21.14 लाख बेल्स, 2020-2021 में 11.03 लाख बेल्स और 2019-2020 में 15.50 लाख बेल्स कॉटन का इंपोर्ट हुआ था। बता दें कि 1 बेल में 170 किलो कॉटन होता है।

कॉटन के उत्पादन की बात करें तो 2020-21 में 352.48 लाख बेल्स कॉटन का उत्पादन हुआ था। वहीं, 2021-22 में 311.18 लाख बेल्स, 2022-23 में 336.60 लाख बेल्स, 2023-24 में 325.22 लाख बेल्स और 2024-25 में 297.24 बेल्स कॉटन का उत्पादन हुआ है। जबकि,2025-26 में 292.15 लाख बेल्स कॉटन के उत्पादन का अनुमान है।

 

 

Gold-Silver Price: ग्लोबल मार्केट में सोना 0.9% और चांदी 2% हुई महंगी, नए साल 2026 में भी तेजी जारी

 

हिंदी में शेयर बाजार स्टॉक मार्केट न्यूज़,  बिजनेस न्यूज़,  पर्सनल फाइनेंस और अन्य देश से जुड़ी खबरें सबसे पहले मनीकंट्रोल हिंदी पर पढ़ें. डेली मार्केट अपडेट के लिए Moneycontrol App  डाउनलोड करें।