वेस्ट एशिया संकट के बीच सरकार एथेनॉल ब्लेंडिंग पर जोर दे रही है। एथेनॉल ब्लेंडिंग से कच्चे तेल के इंपोर्ट पर निर्भरता घटेगी। E20 से पहले बने वाहनों की परफॉर्मेंस पर असर संभव है। एथेनॉल की अधिक मात्रा के कारण अप्रैल 2023 से पहले निर्मित वाहनों के प्रदर्शन पर प्रभाव पड़ने की उम्मीद है। E20 रोडमैप पर नीति आयोग की रिपोर्ट में यह बताया गया है कि E10 के लिए डिज़ाइन किए गए और E20 के लिए कैलिब्रेट किए गए वाहनों के माइलेज में 1% से 2% की गिरावट आने की संभावना है।
सरकार ने कहा है कि इथेनॉल मिश्रित पेट्रोल (ईबीपी) कार्यक्रम को बढ़ावा देने से भारत को सालाना 4.5 करोड़ बैरल कच्चे तेल की बचत करने और अब तक लगभग 1.65 लाख करोड़ रुपये के विदेशी मुद्रा बहिर्वाह को कम करने में मदद मिली है।
E20 से आगे बढ़ने पर टेक्नोलॉजी अपग्रेड जरूरी है। SIAM ने E10/E20 पर टैक्स इंसेंटिव की मांग की है। हालांकि सरकार ने अभी टैक्स राहत नहीं दी।
रिपोर्ट में कहा गया है कि कि उच्च इथेनॉल मिश्रण की ओर संक्रमण भारत की ऊर्जा सुरक्षा के अनुरूप है, लेकिन वाहन मालिकों से संबंधित मुद्दों को संबोधित करने की आवश्यकता है। उन्होंने आगे कहा कि E20 से आगे बढ़ने के लिए वाहन प्रौद्योगिकी में उन्नयन और उपभोक्ताओं पर प्रतिकूल प्रभाव से बचने के लिए सहायक नीतिगत उपायों की आवश्यकता होगी।
सरकार ने निर्माताओं को 100% इथेनॉल (E100) पर चलने वाले वाहन बनाने की अनुमति देने के उद्देश्य से जल्द ही E85 से E100 ईंधन मानकों के अनुरूप वाहनों या फ्लेक्सिबल फ्यूल वाहनों (FFV) के लिए परीक्षण आवश्यकताओं को निर्धारित करने की घोषणा की है।
दिसंबर 2022 में सड़क परिवहन मंत्रालय ने 5% से 85% इथेनॉल मिश्रण वाले पेट्रोल पर चलने वाले वाहनों के लिए "परीक्षण आवश्यकताओं की प्रयोज्यता" अधिसूचित की थी। हालांकि, E85 की शर्त को "E85 या उससे अधिक" से बदलने के लिए एक मसौदा अधिसूचना पिछले वर्ष जून में प्रकाशित की गई थी, लेकिन इसे अंतिम रूप नहीं दिया जा सका।
पेट्रोल में बढ़ेगा एथेनॉल, बढ़ेगी टेंशन!
सरकार पेट्रोल में एथेनॉल मिश्रण 20% से ज्यादा करने की तैयारी में है। अप्रैल 2023 से पहले बनी गाड़ियों के इंजन पर असर पड़ने की आशंका है। नीति आयोग के अनुसार, गाड़ियों के माइलेज में 1% से 2% की गिरावट संभव है। सरकार जल्द ही 100% एथेनॉल से चलने वाली (Flex-Fuel) गाड़ियों के लिए टेस्टिंग नियम लाएगी। माइलेज की कमी की भरपाई के लिए ऑटो इंडस्ट्री की ने एथेनॉल फ्यूल पर टैक्स छूट की मांग की है।