GJEPC ने डायमंड ज्वैलरी के लिए विशेष पैकेज की मांग की है। GJEPC का कहना है कि पैकेज से डायमंड ज्वैलरी का प्रमोशन होगा। इंटरनेशनल मार्केट में ज्वैलरी को बढ़ावा मिलेगा। GJEPC ने डायमंड ज्वैलकी के लिए सरकार से इंफ्रा सपोर्ट फंड देने की मांग की है। इंफ्रा सपोर्ट फंड से जयपुर में जेम बोर्स बनेगा।
GJEPC ने इस विशेष पैकेज की मांग के पीछे का कारण बताते हुए कहा कि डायमंड इंडस्ट्री मुश्किलों के दौर से गुजर रही है। जियो पॉलिटिकल तनाव से संकट में इंडस्ट्री है।
GJEPC इंटरनेशनल मार्केट में कैंपेन चला रही है। कैंपेन पर `15 करोड़ खर्च कर रही है। इंटरनेशनल मार्केट में नैचुरल डायमंड का प्रमोशन कर रही है। भारतीय डायमंड ज्वैलरी की मांग बढ़ाने पर जोर दे रही है। माइनिंग कंपनियों, देशों के साथ करार किया है।
डिमांड क्रिएशन के लिए फंड की मांग
GJEPC के पूर्व चेयरमैन कॉलिन शाह का कहना है कि इंडस्ट्रीज के लिए नैचुरल डायमंड का एक्सपोर्ट बड़ा चैलेंज है। अगर सरकार इसके लिए विशेष फंडिंग करती है या डिमांड क्रिएशन के लिए मार्केटिंग पर खर्च करती है तो इंडस्ट्रीज को काफी मदद मिलेगी। हमने सरकार से हीरे की डिमांड क्रिएशन के लिए सरकार से फंड की मांग की है। अगर सरकार यह नहीं करती है तो रोजगार को लेकर चिंता बढ़ेगी ।
कॉलिन शाह ने अगले 3-4 साल तक ज्वेलरी पर फोकस रहेगी। चीन डायमंड ज्वेलरी का बड़ा मैन्युफेक्चर है। लैब ग्रोन डायमंड को बूस्ट मिला। फ्यूचर आउटलुक के लिए जनवरी जरूरी है।
वहीं सोने की आगे की चाल पर बात करते हुए उन्होंने कहा कि 2024 में सोने में तेजी रही है। जियो पॉलिटिकल टेंशन से सोने में असर दिख सकता है। ग्लोबल इवेंट के चलते सोने की चाल के लिए जनवरी का महीना काफी अहम होगा।
ProIntellitrade Services के फाउंडर दिनेश सोमानी का कहना है कि जनवरी 2024 में सोने में काफी अच्छा उछाल देखने को मिला था। उस वक्त सोना 62500 रुपये प्रति 10 ग्राम पर था। वहां से अब तक हमने सोने में 27 फीसदी का उछाल देखा है। मौजूदा स्तर से भी सोने में 20-22 फीसदी का उछाल संभव है। फिलहाल सोना कंसोलिडेशन फेज में कारोबार कर रहा है। हाल फिलहाल 75000 रुपये के आसपास का स्तर सोना होल्ड करता नजर आएगा। कोई ऐसी खबर नहीं है कि सोने में मौजूदा स्तर से उछाल कम नजर आ रही है। जनवरी के पहले हफ्ते तक सोना 77500 रुपये प्रति 10 ग्राम का भाव दिखा सकता है।
(डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सार्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।