Festive Season 2025: त्योहारों की शुरुआत हो चुकी है और उसकी चहल-पहल बाजारों में काफी अच्छी खासी है। साथ ही साथ जो खरीदारी है वो फूड से लेकर टेक्सटाइल, अपेरल, गिफ्टिंग, ज्वेलरी सभी जगह देखने को मिली है। साथ ही देश में ड्राई फूट्स का बाजार भी काफी गरम हो चुका है। 2024 में देश का ड्राई फूट्स का बाजार $9.30 बिलियन का कारोबार हुआ जो 2029 में $12.70 बिलियन होने की उम्मीद है। सालाना 7% की दर से ड्राई फूट्स का बाजार बढ़ रहा है । कुल ग्लोबल इंपोर्ट में भारत की 11% हिस्सेदारी है। भारत के इंपोर्ट में US की 35% हिस्सेदारी है।
CTC के एमडी राजीव पबरेजा ने कहा कि ड्राई फ्रूट्स की मांग देश में बढ़ी है। खजूर की बर्फी लोगों को पसंद आ रही है। US ने भारत पर टैरिफ लगाए, भारत ने नहीं। ड्राई फ्रूट्स की कीमतों में कोई बदलाव नहीं हुआ। ड्राई फ्रूट्स की फसल अच्छी बनी हुआ। दिवाली पर कीमतों में थोड़ी तेजी आती है। अभी बादाम, किशमिश के दाम स्थिर हैं। हालांकि अखरोट की कीमतों में थोड़ी तेजी है। केसर की कीमतों में तेजी आई है। टैरिफ के कारण भी दाम थोड़े बढ़े हैं।
उन्होंने कहा कि केसर का भाव `1.5-2 लाख/किलो रहता है। कभी कभी केसर `2.5 लाख तक चढ़ जाता है। इस बार केसर का बाजार `2 लाख तक रहा है। केसर का बाजार पिछले साल से 10-15% ऊपर है। केसर के दाम रिटेल में 30% बढ़ जाते हैं। पैकिंग की कीमत रिटेल में जुड़ जाती है।
ड्राई फ्रूट्स की मांग 7-8% सालाना बढ़ रही है। ड्राई फ्रूट्स अब एक जरूरत बन गया है। एग्जॉटिक ड्राई फ्रूट्स की भी मांग बढ़ रही है। लोग सुबह सुबह ड्राई फ्रूट्स भी खाते हैं। ड्राइड फ्रूट्स यानी सूखे हुए फलों की मांग भी देश में बढ़ी है। सूखे हुए फलों की सप्लाई भी देश में अच्छी है। सफर में लोग सूखे हुए फलों को खाना पसंद करते हैं। सूखे हुए फलों में चीनी का इस्तेमाल होता है। हर तरह के सूखे हुए फल आज मौजूद हैं।
अंजीर के लिए हम अफगानिस्तान पर निर्भर हुआ। अफगानिस्तान में अंजीर की फसल अच्छी
है। अंजीर की कीमतों में तेजी नहीं आएगी। भारत दुनिया में खजूर का सबसे बड़ा उपभोक्ता है। ग्लोबल खपत में भारत की 20-25% हिस्सेदारी है।
जयहिंद स्वीट्स के अजीत पटेल ने कहा कि मिठाई बनाने की लागत बढ़ी, दाम नहीं बढ़ाए। त्योहारों में मिठाइयों की मांग बढ़ने की उम्मीद है। रक्षा बंधन पर मिठाइयों की मांग अच्छी रही
। अलग-अलग तरह की पैकिंग पसंद आ रही है। ड्राई फ्रूट्स वाली मिठाइयों की भी मांग है। हर तरह के लोगों के मिठाइयां मौजूद हैं। मिठाइयों का बाजार हर साल बढ़ रहा है। लोगों में सेहत के प्रति जागरुकता बढ़ी है। कारोबार पर कोई फर्क नहीं पड़ा है। 4-5 सालों से कुनाफा की मांग बढ़ी है। कुनाफा में बड़ी रेंज की बिक्री कर रहे हैं। बकलावा मिठाई की भी बिक्री कर रहे हैं। केक, पेस्ट्री की भी अच्छी मांग है।
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