Gold Price: रिकॉर्ड ऊंचाई छूने के बाद 14 अप्रैल को सोने की कीमतों में गिरावट देखने को मिली। ये गिरावट अमेरिकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप की ओर से स्मार्टफोन और कंप्यूटर को रेसिप्रोकल शुल्क से अस्थायी रूप से छूट देने के फैसले के बाद आई, जिससे निवेशकों की चिंता कम हुई और सुरक्षित निवेश की मांग पर अंकुश लगा। सोने का स्पॉट भाव 0.1% गिरकर 3,232.45 डॉलर प्रति औंस पर आ गया, जो 3,245.42 डॉलर प्रति औंस के अब तक के सबसे उच्च स्तर से नीचे है। हालांकि, अमेरिकी सोना वायदा 0.1% बढ़कर 3,248.20 डॉलर प्रति औंस हो गया।
इसी तरह इंडियन बुलियन एसोसिएशन के सुबह के आंकड़ों के अनुसार भारत में 24 कैरेट सोने की कीमत 94,030 रुपये प्रति 10 ग्राम थी, जबकि 22 कैरेट सोने की कीमत 86,194 रुपये प्रति 10 ग्राम थी.
अमेरिका-चीन तनाव बढ़ने के कारण 11 अप्रैल को सोना 3,200 डॉलर प्रति औंस से ऊपर चला गया। जानकारों को आगे और अधिक अस्थिरता की उम्मीद है। गोल्डमैन सैक्स का अनुमान है कि 2025 के अंत तक सोना 3,700 डॉलर प्रति औंस पर पहुंच जाएगा, जबकि पहले इसका अनुमान 3,300 डॉलर था। गोल्डमैन सैक्स का यह अनुमान मजबूत केंद्रीय बैंक खरीद और बढ़ते ईटीएफ प्रवाह से प्रेरित है।
इस बीच ट्रेडर्स 2025 के अंत तक अमेरिका में ब्याज दरों में लगभग 80 आधार अंकों की कटौती का अनुमान लगा रहे हैं। ट्रेड से संबंधित जोखिमों से बचने के लिए चीन में पिछले सप्ताह सोने के प्रीमियम में बढ़ोतरी देखने को मिली।
इंडियन बुलियन एंड ज्वैलर्स एसोसिएशन (IBJA) के वाइस प्रेसिडेंट Aksha Kambo ने कहा कि 2025 में सोना नए शिखर पर पहुंच जाएगा।उन्होंने कहा कि इस तेजी का श्रेय वैश्विक आर्थिक अनिश्चितता, मुद्रा में उतार-चढ़ाव और भारत में त्योहारी और शादी-ब्याह की मजबूत मांग को जाता है। केंद्रीय बैंक की खरीद ने भी इसमें भूमिका निभाई है। हालांकि, उनका यह भी कहना है कि इतनी तेजी के बाद सोने में शॉर्ट टर्म में गिरावट संभव है।
उन्होंने आगे कहा कि सोने में फ्रेश बाईंग के लिए जरुरी है कि चीन और अमेरिका से आने वाली हर खबर का मूल्यांकन किया जाए। जिसके चलते उन्होंने सोने में सर्तक नजरिया बनाए रखने की सलाह दी है। उनका कहना है कि सोने में एकमुश्त निवेश ना कर निवेशक इसमें थोड़ी-थोड़ी खरीदारी करें। लंबी अवधि में सोने में तेजी का रुझान बरकरार है।
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