अक्षय तृतीया (Akshaya Tritiya) त्योहार से पहले सोने की चमक बढ़ सकती है। गोल्ड बेचने वाली अधिकतर कंपनियों को इस साल अक्षय तृतीया के दौरान सोने की मजूबत बिक्री दिखने की उम्मीद है। मालाबार ग्रुप (Malabar Group) की कंपनियों के ट्रेजरी और बैंकिंग हेड, दिलीप नारायणन ने मनीकंट्रोल को बताया, "गोल्ड रिटेलर्स इस समय अक्षय तृतीया के लिए स्टॉक जमा कर रहे हैं। हमें फेस्टिव सीजन के दौरान मजबूत बिक्री की उम्मीद है। हालांकि इंडस्ट्री में अभी भी सतर्क रुख बना हुआ और कोई जोखिम नहीं ले रहा है।" उन्होंने कहा, "हाल के दिनों में बिक्री कमजोर रही है, लेकिन हम इसके जल्द ही फिर से स्पीड पकड़ने की उम्मीद करते हैं।"
PN गाडगिल ज्वैलर्स के मैनेजिंग डायरेक्टर, सौरभ गाडगिल ने कहा कि नए वित्त वर्ष की पहली तिमाही में अक्षय तृतीया, गुड़ी पड़वा और शादियों जैसे कुछ अवसरों के चलते हमें इस बार पिछले साल की इसी तिमाही के मुकाबले 10 प्रतिशत अधिक बिक्री रहने की उम्मीद है।
गाडगिल ने सीएनबीसी टीवी18 को बताया, "कई सारे कारणों के चलते इस तिमाही में ग्रोथ रेट स्थिर रही है, लेकिन आगे तेजी का रुख जारी रहेगा और देश की गोल्ड इंडस्ट्री एक मजबूत साल देखेगा।" सोने की कीमतों में हालिया बढ़ोतरी का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा, "बाजार ने उछाल को अच्छी तरह से समाहित है और मुझे कोई झटका नहीं दिख रहा है।"
अक्षय तृतीया का पर्व इस साल 10 मई को है। काफी संख्या में लोग इस दिन सोने की खरीदारी को शुभ मानते हैं। यह धनतेरस के बाद दूसरा सबसे बड़ा सोना खरीदने वाला त्योहार है।
पिछले पखवाड़े के अधिकतर दिनों में सोने की कीमतें बढ़ीं। अमेरिकी फेडरल रिजर्व ने 21 मार्च को साफ किया कि वह इस साल तीन बार ब्याज दरों में कटौती का इरादा रखता है। इसके बाद पहली बार सोने की स्पॉट कीमतें 2,200 डॉलर प्रति औंस से ऊपर पहुंच गई। अमेरिकी केंद्रीय बैंक के बयान से पता चलता है कि वह महंगाई के आंकड़ों में आए हालिया उछाल से चिंतित नहीं है।
22 मार्च को कीमतें 2,200 डॉलर से थोड़ी नीचे गिर गईं। एनालिस्ट्स को इसके कीमतों में करीब 100 डॉलर प्रति औंस की और कमी आने की उम्मीद है। नारायणन ने कहा, "संभावना है कि यह नीचे आएगा... और फिर अगले स्तर पर जाएगा।" इस बीच भारत में सोने की कीमतें इस साल अब तक 62,000 रुपये से बढ़कर 67,000 रुपये प्रति 10 ग्राम पर पहुंच गई हैं। 22 मार्च को सोना 66930 रुपये पर कारोबार कर रहा था।