घरेलू और इंटरनेशनल मार्केट में सोने में तेजी देखने को मिल रही है। सोने की कीमतों ने नया रिकॉर्ड बनाया है। एमसीएक्स पर सोने की कीमतें 4 फरवरी को शुरुआती कारोबार में 83,350 रुपये प्रति 10 ग्राम को पार कर गईं। हालांकि शुरुआती तेजी के बाद इसमें मुनाफावसूली देखने को मिली। 1 बजे गोल्ड फ्यूचर्स 324 रुपये यानी करीब 0.39 फीसदी की कमजोरी के साथ 83,000 रुपये प्रति 10 ग्राम था। इस बीच अंतरराष्ट्रीय बाजार में COMEX गोल्ड का भाव 2,827.50 डॉलर प्रति औंस के करीब है। हालांकि, ग्लोबल मार्केट में सोने के दामों में मामूली गिरावट देखी गई है, लेकिन घरेलू बाजार में रुपये की कमजोरी के कारण सोने की कीमतों में तेजी बनी हुई है।
सोने में तेजी की क्या है वजह
अमेरिकी डॉलर के मुकाबले रुपये की कीमत में गिरावट से सोने के दाम बढ़ रहे हैं। वहीं ग्लोबल अनिश्चितता के कारण भी इसमें तेजी बनी है। दरअसल, अमेरिका द्वारा कनाडा, मेक्सिको और चीन पर टैरिफ लगाने की योजना से वैश्विक बाजार में अनिश्चितता बढ़ी है और यही कारण है कि गोल्ड की कीमतों में तेजी देखी जा रही है।
सोने चांदी पर बड़ी पहल यह भी है कि नए टैरिफ एंट्री और स्ट्रक्टचर्स का ऐलान किया है। प्रेशियस मेटल्स कैटेगराइज करने के लिए ऐलान किए है। डाटा में सफाई के लिए स्ट्रक्चरल बदलाव किए गए। सरकार की पहल से गलत कदमों पर रोक लगेगी।
ऐसे में सोने-चांदी की कीमतें औऱ बजट पर बात करते हुए हुए वर्ल्ड गोल्ड काउंसिल के सचिन जैन ने कहा कि बजट में राहत मिलने से सोने की मांग देश में बढ़ेगी। सरकार ने लोगों को फायदा देने वाला बजट पेश किया है। सरकार इंडस्ट्री का साथ दे रही है। आगे सोने की कीमतों में और तेजी की उम्मीद है। सोने में लंबी अवधि के लिए निवेश करने की सलाह होगी। सोने के फंडामेटल्स अच्छे बने हुए है।
BN वैद्य एंड एसोसिएट्स के ओनर भार्गव वैद्य ने कहा कि सरकार ने बजट में कंजप्शन को बढ़ावा दिया। इकोनॉमिक सर्वे में भी सोने चांदी का जिक्र हुआ। इस साल चांदी की कीमतों में ज्यादा तेजी की उम्मीद है। ड्यूटी में कटौती की उम्मीद नहीं है। FTA से इंडस्ट्री को फायदा मिलेगा।
भार्गव वैद्य ने आगे कहा कि सोने में थोड़ी गिरावट आने की आशंका है। बजट में सरकार का बुलियन इंडस्ट्री का ध्यान रखा। डायमंड की मांग देश में स्थिर हो गई है।
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