Commodities market:इकोनॉमिक आंकड़ों और केंद्रीय बैंकों के रुख पर रहेगी बाजार की नजर-रवींद्र राव

इस हफ्ते कमोडिटी बाजार में रिकवरी के कुछ संकेत के बावजूद अभी भी इस बात को लेकर अनिश्चितता बनी हुई है कि क्या रिकवरी का यह क्रम आगे भी जारी रहेगा

अपडेटेड May 21, 2022 पर 2:38 PM
कमोडिटी मार्केट की नजरें अब आने वाले इकोनॉमिक आंकड़ो और केंद्रीय बैंक की टिप्पणियों पर लगी रहेंगी

Ravindra Rao,Kotak Securities

पिछले कुछ दिनों से वित्तीय बाजार में जोखिम वाली संपत्तियों जैसे इक्विटी और कमोडिटी से निकल कर कैश को सुरक्षित रखने (खास कर डॉलर के रूप में) का रुझान बढ़ा है। हमने इस हफ्ते इस रुझान में एक हल्का विराम लगता देखा है। डॉलर सूचकांक (dollar index) के अपने उच्च स्तर से थोड़ा नरम पड़ने के साथ हाल में कमोडिटीज, जापानी येन (Japanese yen) और यूएस बॉन्ड (bond)जैसे एसेट्स में कुछ खरीदारी देखने को मिली है। इस बीच इक्विटी बाजारों में उतार-चढ़ाव बना रहा और चाइनीज इक्विटी मार्केट इस उठापटक के बीच भी एक महीने के उच्च स्तर के करीब पहुंचने में कामयाब रहे।

ट्रेंड में बदलाव के साथ निवेशक सबसे बेहतर निवेश विकल्प की तलाश करते दिख रहे हैं। यूक्रेन -रूस के बीच जारी संघर्ष, चीन में कोरोना को नियंत्रित करने के लिए चल रही कवायद , बढ़ती महंगाई के साथ ही केंद्रीय बैंकों द्वारा अपनी मौद्रिक नीति में कड़ाई लाने से इकोनॉमिक ग्रोथ पर पड़ सकने वाले निगेटिव असर का डर कुछ ऐसे कारण हैं जो ग्लोबल मार्केट पर दबाव बनाए हुए हैं। लेकिन इस हफ्ते डॉलर इंडेक्स में गिरावट, चीन में कोविड -19 की स्थितियों में सुधार और चीन की तरफ से अपनी इकोनॉमी को राहत देने के लिए किए गए उपाय से कमोडिटी मार्केट को कुछ राहत मिली है और इसमें रिकवरी आती दिखी है।


पिछले कुछ दिनों से कमोडिटी की सबसे बड़ी चिंता कोरोना वायरस के कारण चीन के इकोनॉमी पर आ सकने वाला दबाव था। लेकिन चीन के सेंट्रल बैंक ने अपनी प्राइम लेडिंग रेट में कटौती करके देश की इकोनॉमी को राहत देने के कोशिश की है। कमोडिटी मार्केट पर भी इसका कुछ पॉजिटिव असर पड़ा है। इसके बावजूद चाइनीज इकोनॉमी का आउटलुक कमजोर बना हुआ है। देश के आर्थिक संकेतक कोरोना के कारण लागू प्रतिबंधों के निगेटिव असर की और संकेत कर रहे हैं। इसी हफ्ते शुरुआत में आए चीन के इंडस्ट्रियल प्रोडक्शन, रिटेल सेल और रोजगार आंकड़े निराशाजनक रहे हैं।

इस हफ्ते कमोडिटी बाजार में रिकवरी के कुछ संकेत के बावजूद अभी भी इस बात को लेकर अनिश्चितता बनी हुई है कि क्या रिकवरी का यह क्रम आगे भी जारी रहेगा। हालांकि डॉलर में कुछ नरमी आई है लेकिन यूएस फेड के कठोर रवैये से एक बार फिर इसमें तेजी आती नजर आ सकती है। चीन के आउटलुक को लेकर भी तब तक अनिश्चितता कायम रहेगी जब तक कोविड -19 का वायरस कंट्रोल में नहीं आ जाता। ऐसे में कमोडिटी मार्केट की नजरें अब आने वाले इकोनॉमिक आंकड़ो और केंद्रीय बैंक की टिप्पणियों पर लगी रहेंगी।

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