Gold price today: 2075 डॉलर प्रति औंस के ऑल टाइम हाई के करीब पहुंचने के बाद सोने की कीमतों मे मुनाफावसूली देखने को मिली और यह 2000 डॉलर प्रति औंस के नीचे फिसल गया। एमसीएक्स पर भी सोने के भाव में गिरावट देखने को मिली और पिछले हफ्ते 55,000 रुपये प्रति 10 ग्राम पहुंचने के बाद यह 53,000 के नीचे फिसल गया। कमोडिटी मार्केट के एक्सपर्ट्सका कहना है कि सोने के भाव में आई इस तेजी की वजह रूस और यूक्रेन के बीच चल रहा युद्ध है। जानकारों का कहना है कि सोने में अभी भी तेजी का ट्रेंड बना हुआ है और निचले स्तरों से इसमें एक बार फिर तेजी आती नजर आ सकती है।
Religare Broking के सुगंधा सचदेवा का कहना है कि उम्मीद है कि सोने की कीमतें रूस और यूक्रेन के संघर्ष को लेकर संवेदनशील बनी रहेगी। हालांकि बाजार के मूड मे हल्का सुधार हुआ है। ऐसे में सोने की कीमतों में हाल के दिनों में आई जोरदार तेजी के बाद अब कुछ करेक्शन या कंसोलिडेशन देखने को मिल सकता है। नियर टर्म में सोने की कीमतों पर यूक्रेन और रूस के युद्ध से जुड़ी खबरों का असर देखने को मिलेगा लेकिन अब इसमें निचले स्तर से खरीदारी लौटने की भी उम्मीद है।
सुगंधा सचदेवा का आगे कहना है कि बाजार की नजर अगले हफ्ते होनो वाले यूएस फेड पॉलिसी की मीट पर लगी हुई है। उम्मीद है कि यूएस फेड अपनी मोद्रिक नीतियों में कड़ाई लगाएंगा और ब्याज दरों में 0.25 फीसदी की बढ़ोतरी करेगा।
IIFL Securities के अनुज गुप्ता का कहना हैकि सोने की कीमतों को 51500 पर पहला सपोर्ट है। वहीं 49,000 रुपये पर बडा सपोर्ट है। हाजिर बाजार में सोने की कीमतों को 1970 डॉलर प्रति औंस पर पहला सपोर्ट है। और यह सपोर्ट पिछले कुछ दिनों से बना हुआ है। इसके बाद अगला बड़ा सपोर्ट 1920 डॉलर पर है। इस बात क उम्मीद की गोल्ड की कीमतों पर रूस -यूक्रेन युद्ध से जुड़ी खबरें अपना असर डालती रहेगी। गोल्ड के निवेशकों को सलाह है कि अपने लिए एक लेवल तय करके कड़ाई के साथ स्टॉपलॉस का पालन करें।
अनुज गुप्ता की राय है कि गोल्ड में गिरावट पर खरीदारी करने की रणनीति का पालन करना चाहिए । जो लोग ज्यादा रिस्क लेने की लिए तैयार है वो 52,000- 52,500 रुपये के आसपास 49,000 के स्टॉपलॉस के साथ खरीदारी करें। जो लोग ज्यादा रिस्क नहीं लेना चाहते वो 51,500 के पास नई पोजिशन लें इसके लिए 49,000 का स्टॉपलॉस लगाए। जो लोग 52,000 -52,500 के बीच सोने में एंट्री करना चाहते है उनको सलाह होगी कि वह गिरावट पर खरीद की रणनीति अपनाएं और 51000 रुपये का लेवल मिलने पर इस रणनीति पर कायम रहें।