बुधवार को सोने (Gold) में गिरावट देखने को मिली। इसकी वजह मुनाफावसूली (Profit-Booking) बताई जा रही है। कमोडिटी एक्सचेंज एमसीएक्स (MCX) पर गोल्ड का अप्रैल कॉन्ट्रैक्ट दिन में करीब 12 बजे 0.03 फीसदी गिरकर 51,802 रुपये प्रति 10 ग्राम चल रहा था। इससे पहले सोने में तेजी देखने को मिली थी। दुनिया में टेंशन बढ़ने पर सोने में तेजी आती है। यही वजह है कि यूक्रेन क्राइसिस (Ukraine Crisis) के चलते सोने में अच्छी तेजी आई है। फरवरी में यह करीब 6 फीसदी चढ़ा है।
आईआईएफएल के वीपी अनुज गुप्ता ने सोने में बुधवार को आई नरमी की वजह प्रॉफिट-टेकिंग बताई। उन्होंने कहा कि मौजूदा हालात में सोने को सपोर्ट मिल रहा है। जियोपॉलिटिकल टेंशन, क्रूड ऑयल की ऊंची कीमत और इनफ्लेशन बढ़ने के डर से सोने में मजबूती का रुख है।
गुप्ता ने कहा कि गोल्ड ईटीएफ की मांग भी बढ़ी है। जनवरी में इसकी मांग में 46.3 टन (2.7 अरब डॉलर वैल्यू) की वृद्धि देखने को मिली है। स्टॉक्स मार्केट्स में गिरावट और करेंसी में कमजोरी के चलते इनवेस्टर्स गोल्ड में इनवेस्ट कर रहे हैं। सोने को इनवेस्टमेंट का सबसे सुरक्षित माध्यम माना जाता है।
यह पूछने पर कि सोने में किस स्तर पर इनवेस्ट करना चाहिए, उन्होंने कहा, "51,500 से 51,600 रुपये के बीच सोना खरीदना ठीक रहेगा। आपको 50,900 पर स्टॉपलॉस लगाना होगा। टारगेट 52,400 रहेगा।" उन्होंने कहा कि इनवेस्टर्स सिल्वर में भी सौदे कर सकते हैं। इसे 67,700 से 67,800 के बीच खरीदा जा सकता है। स्टॉपलॉस 67,700 रुपये होगा। टारगेट 69,500-70,000 रुपये होगा।
बुधवार को इंटरनेशनल मार्केट में भी सोने में थोड़ी नरमी दिखी। इंटरनेशनल कमोडिटी एक्सचेंज में इसका भाव 1,940 डॉलर प्रति औंस था।