Silver Price Today: चांदी ने तोड़े सभी रिकॉर्ड! MCX सिल्वर में जबरदस्त उछाल, निवेशकों की बढ़ी दिलचस्पी, जानिए लेटेस्ट रेट
Silver Price Today: एक ही कारोबारी सत्र में चांदी में 2% से अधिक की तेजी दर्ज की गई, जिससे निवेशकों और सर्राफा कारोबारियों में उत्साह बढ़ गया। चांदी ने एक बार फिर अपनी मजबूत रफ्तार दिखाई है। निवेश और औद्योगिक मांग दोनों के दम पर इसकी कीमतें रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गई हैं
Silver Price Today: सोना और चांदी की कीमतों में जबरदस्त उछाल को देखने को मिला है
Silver Price Today: घरेलू वायदा बाजार में चांदी ने एक बार फिर नई ऊंचाई छू ली है। पांच जुलाई 2026 को MCX सिल्वर की कीमत ₹2.38 लाख प्रति किलोग्राम के पार पहुंच गई है। एक ही कारोबारी सत्र में चांदी में 2% से अधिक की तेजी दर्ज की गई, जिससे निवेशकों और सर्राफा कारोबारियों में उत्साह बढ़ गया है। चांदी ने एक बार फिर अपनी मजबूत रफ्तार दिखाई है। निवेश और औद्योगिक मांग दोनों के दम पर इसकी कीमतें रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गई हैं।
आने वाले दिनों में वैश्विक आर्थिक संकेतकों के आधार पर इसकी दिशा तय होगी। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि वैश्विक आर्थिक अनिश्चितता और कमजोर अमेरिकी आर्थिक आंकड़े जारी रहते हैं, तो सोना और चांदी में आगे भी मजबूती देखने को मिल सकती है। ऐसे में निवेशकों की नजर अब अमेरिकी फेड की अगली मौद्रिक नीति और वैश्विक आर्थिक संकेतकों पर रहेगी।
वैश्विक बाजार से मिला मजबूत समर्थन
अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी चांदी की कीमतों में तेज उछाल देखने को मिला। स्पॉट सिल्वर 2% से ज्यादा चढ़कर 62 डॉलर प्रति औंस के ऊपर पहुंच गई। वैश्विक बाजार में खरीदारी बढ़ने का सीधा असर भारतीय बाजार पर भी देखने को मिला।
क्यों बढ़ रही है चांदी की कीमत?
विशेषज्ञों के मुताबिक चांदी की कीमतों में तेजी के पीछे कई प्रमुख कारण हैं-
अमेरिका के कमजोर रोजगार आंकड़े।
वैश्विक आर्थिक अनिश्चितता के बीच सुरक्षित निवेश की बढ़ती मांग।
डॉलर और ब्याज दरों को लेकर बदलती उम्मीदें।
औद्योगिक उपयोग, खासकर सोलर पैनल, इलेक्ट्रॉनिक्स और इलेक्ट्रिक वाहनों में चांदी की बढ़ती मांग।
इन सभी कारणों ने चांदी की कीमतों को नई ऊंचाई पर पहुंचा दिया है।
निवेशकों का बढ़ा भरोसा
अमेरिका में जून महीने के रोजगार के आंकड़े उम्मीद से कमजोर रहे। इससे यह संभावना बढ़ी कि आने वाले समय में ब्याज दरों को लेकर केंद्रीय बैंक का रुख नरम हो सकता है। ऐसे माहौल में निवेशकों ने सोने के साथ-साथ चांदी में भी जमकर निवेश किया।
उद्योगों में भी बढ़ रही मांग
चांदी केवल आभूषणों तक सीमित नहीं है। इसका उपयोग सोलर एनर्जी, मोबाइल, इलेक्ट्रॉनिक्स, मेडिकल उपकरण और इलेक्ट्रिक वाहनों के निर्माण में तेजी से बढ़ रहा है। औद्योगिक मांग मजबूत रहने से कीमतों को लगातार समर्थन मिल रहा है।
वैश्विक बाजार की तेजी का असर भारत में भी दिखा
5 जुलाई 2026 को भारतीय सर्राफा और वायदा बाजार में सोना-चांदी की कीमतों में जोरदार तेजी दर्ज की गई। MCX गोल्ड करीब ₹1.48 लाख प्रति 10 ग्राम के स्तर पर पहुंच गया। जबकि MCX सिल्वर बढ़कर ₹2.38 लाख प्रति किलोग्राम के पार निकल गई। दोनों कीमती धातुओं में 1% से 2% तक की बढ़त देखी गई।
अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी चमका सोना
वैश्विक बाजार में स्पॉट गोल्ड करीब 1.5% उछलकर 4,185 डॉलर प्रति औंस के ऊपर पहुंच गया। 4,200 डॉलर के महत्वपूर्ण स्तर के करीब कारोबार करता दिखा। वहीं, स्पॉट सिल्वर भी 2% से अधिक की तेजी के साथ 62 डॉलर प्रति औंस के ऊपर पहुंच गई।
अमेरिकी रोजगार आंकड़ों ने बढ़ाई खरीदारी
अमेरिका में जून महीने के रोजगार आंकड़े उम्मीद से कमजोर रहे। जून में केवल 57,000 नई नौकरियां जुड़ीं, जबकि बाजार को 1.10 लाख नौकरियों की उम्मीद थी। बेरोजगारी दर 4.2% रही। कमजोर आंकड़ों के बाद निवेशकों का रुझान सुरक्षित निवेश यानी सोने और चांदी की ओर बढ़ गया।
फेड की नीति पर टिकी नजर
अमेरिकी फेडरल रिजर्व के चेयरमैन केविन वॉर्श ने कहा कि महंगाई का दबाव कम हो रहा है। साथ ही केंद्रीय बैंक मूल्य स्थिरता बनाए रखने के लिए प्रतिबद्ध है। वहीं, सितंबर में ब्याज दरों को लेकर बाजार की उम्मीदों में भी बदलाव आया, जिससे बुलियन बाजार को अतिरिक्त समर्थन मिला।
कच्चे तेल की कीमतें स्थिर
इस बीच कच्चे तेल की कीमतों में ज्यादा बदलाव नहीं देखा गया। WTI क्रूड 69 डॉलर प्रति बैरल से नीचे कारोबार कर रहा है। जबकि ब्रेंट क्रूड करीब 72 डॉलर प्रति बैरल पर स्थिर बना हुआ है। अमेरिका-ईरान वार्ता में जारी प्रगति और होर्मुज जलडमरूमध्य से शिपिंग सामान्य होने से ऊर्जा बाजार में राहत बनी हुई है।
निवेशकों के लिए क्या संकेत?
एक्सपर्ट का मानना है कि यदि वैश्विक आर्थिक अनिश्चितता और कमजोर अमेरिकी आर्थिक आंकड़े जारी रहते हैं, तो सोना और चांदी में आगे भी मजबूती देखने को मिल सकती है। ऐसे में निवेशकों की नजर अब अमेरिकी फेड की अगली मौद्रिक नीति और वैश्विक आर्थिक संकेतकों पर रहेगी।
आगे क्या रहेगा रुख?
मार्केट एक्सपर्ट का मानना है कि यदि वैश्विक आर्थिक अनिश्चितता बनी रहती है और औद्योगिक मांग मजबूत रहती है, तो चांदी की कीमतों में आगे भी मजबूती देखने को मिल सकती है। हालांकि निवेशकों को अंतरराष्ट्रीय बाजार, अमेरिकी फेडरल रिजर्व की नीतियों और डॉलर की चाल पर नजर बनाए रखने की सलाह दी जा रही है।