सरकार एग्रीकल्चर इंफ्रास्ट्रक्चर फंड का दायरा बढ़ाने की तैयारी कर रही है। सीएनबीसी-आवाज को सूत्रों से मिली खबर के मुताबिक सरकार इसमें 5 से 6 नए सेक्टर जोड़ सकती है, जिन्हें सस्ती दरों पर कर्ज दिया जाएगा।बता दें कि साल 2020 में सरकार ने 1 लाख करोड़ रुपये के आसपास एग्रीकल्चर इंफ्रास्ट्रक्चर फंड जारी किया था। इसमें सरकारी एग्रीकल्चर सेक्टर के लिए 6% की ब्याज दर पर सस्ता कर्ज देती है। जो बाजार से काफी सस्ता होता है। बीते 2 सालों की बात करें तो अब तक इस फंड का 30% यानी 30,000 करोड़ रुपए का उपयोग हो चुका है। ऐसे में अब सरकार सरकार एग्रीकल्चर इंफ्रास्ट्रक्चर फंड का दायरे बढ़ाने के गाइडलाइंस पर काम कर रही है। सूत्रों के मुताबिक 1-2 हफ्तों के भीतर इस गाइडलाइंस पर कैबिनेट की मंजूरी ली जा सकती है।
सूत्रों के अनुसार सरकार एग्रीकल्चर स्टार्टअप्स को इस फंड से कर्ज देगी। सरकार किसानों, कोऑपरेटिव सोसाइटीज को सोलर प्रोजेक्ट लगाने के लिए कर्ज देगी। सूत्रों के मुताबिक ग्रामीण विकास मंत्रालय की कई योजनाओं के लिए भी इसी फंड से कम ब्याज दर पर कर्ज मिल सकेगा। इसके अलावा पशुपालन से जुड़ी कई स्कीम को इसी से जोड़ा जाएगा। फूड प्रोसेसिंग यूनिट के लिए भी एग्री इंफ्रा फंड से सस्ता कर्ज मिल सकता है।
गौरतलब है कि इस फंड के तहत 3% सालाना की इंटरेस्ट सबवेंशन की छूट के साथ 2 करोड़ रुपए तक का लोन दिया जाता है। सबवेंशन की ये अवधि में अधिकतम 7 साल के लिए होती है। 2 करोड़ रुपए से अधिक लोन लेने की सूरत में केवल 2 करोड़ रुपए तक के लोन पर ही 3% के इंटरेस्ट सबवेंशन का लाभ मिल सकेगा। इसके तहत कमर्शियल बैंक, कोऑपरेटिव बैंक, RRBs, स्मॉल फाइनेंस बैंकों से लेकर NCDC और NBFC आदि संस्थान से लोन लिया जा सकता है।