भारत सरकार ने 1000 टन काला नमक चावल के निर्यात पर हटाया शुल्क

अभी तक काला नमक चावल (Kala Namak rice) के निर्यात पर 20 फीसदी शुल्क लागू था। सरकार ने छह निर्दिष्ट सीमा शुल्क केंद्रों के माध्यम से निर्यात पर शुल्क हटाया है। वित्त मंत्रालय की ओर से जारी अधिसूचना के अनुसार, चावल की इस किस्म के 1000 टन तक के निर्यात पर शुल्क छूट बुधवार से प्रभावी होगी

अपडेटेड Apr 03, 2024 पर 9:55 PM
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सरकार ने 1,000 टन काला नमक चावल के निर्यात पर शुल्क हटाने का फैसला लिया है।

सरकार ने 1,000 टन काला नमक (Kala Namak rice) चावल के निर्यात पर शुल्क हटाने का फैसला लिया है। केंद्र सरकार ने एक नोटिफिकेशन जारी कर यह सूचना दी। अभी तक काला नमक चावल के निर्यात पर 20 फीसदी शुल्क लागू था। सरकार ने छह निर्दिष्ट सीमा शुल्क केंद्रों के माध्यम से निर्यात पर शुल्क हटाया है। वित्त मंत्रालय की ओर से जारी अधिसूचना के अनुसार, चावल की इस किस्म के 1000 टन तक के निर्यात पर शुल्क छूट बुधवार से प्रभावी होगी।

डायरेक्टोरेट जनरल ऑफ फॉरेन ट्रेड (DGFT) ने मंगलवार को निर्दिष्ट सीमा शुल्क केंद्रों के माध्यम से 1,000 टन तक काला नमक चावल के निर्यात की अनुमति दी थी। काला नमक गैर-बासमती चावल की एक किस्म है, जिसके निर्यात पर पहले प्रतिबंध था।

चावल की इस किस्म के निर्यात को छह सीमा शुल्क केंद्रों के माध्यम से अनुमति दी गई है। ये केंद्र वाराणसी एयर कार्गो; जेएनसीएच (जवाहरलाल नेहरू कस्टम्स हाउस), महाराष्ट्र; सीएच (कस्टम हाउस) कांडला, गुजरात; एलसीएस (भूमि सीमा शुल्क स्टेशन) नेपालगंज रोड; एलसीएस सोनौली; एवं एलसीएस बरहनी हैं। एग्रीकल्चर मार्केटिंग एंड फॉरेन ट्रेड के डायरेक्टर लखनऊ, काला नमक चावल की मात्रा सहित सर्टिफिकेशन के लिए ऑथराइज्ड हस्ताक्षरकर्ता होंगे।

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