LPG Price Today: बुधवार, 24 जून को घरेलू और कमर्शियल LPG सिलेंडर की कीमतें स्थिर रही, जबकि US-ईरान शांति वार्ता में प्रगति के कारण ग्लोबल ऑयल की कीमतों में कमी आई है। बता दें कि 7 जून को हुई बढ़ोतरी के बाद से रसोई गैस (14.2 किलोग्राम) की कीमतों में कोई बदलाव नहीं हुआ है। उस समय तेल कंपनियों (OMCs) ने 14.2 किलो वाले घरेलू LPG सिलेंडर के दाम 29 रुपये बढ़ाए थे। इससे पहले 7 मार्च को भी सिलेंडर 60 रुपये महंगा किया गया था। वहीं, 19 किलो वाले कमर्शियल LPG सिलेंडर की कीमत में पिछली बार करीब 42 रुपये की बढ़ोतरी की गई थी। इसकी वजह ऊर्जा की बढ़ती कीमतें और हॉर्मुज जलडमरूमध्य के रास्ते सप्लाई में आई दिक्कतें थीं।
गौरतलब है कि US-ईरान तनाव के कारण पश्चिम एशिया से एनर्जी सप्लाई प्रभावित हुई है और LPG का आयात प्रति माह 2 मिलियन टन से घटकर अप्रैल में 696,000 टन रह गया। पिछले चार महीनों में कमर्शियल सिलेंडर की कीमत में लगभग 79% की बढ़ोतरी हुई है, क्योंकि इसकी कीमत सऊदी कॉन्ट्रैक्ट प्राइस (CP) पर आधारित होती है, जिसे सऊदी अरामको हर महीने की शुरुआत में तय करती है।
शहर के हिसाब से घरेलू और कमर्शियल सिलेंडर की कीमतें
US-Iran डील के बाद भारत आने वाले कितने जहाज होर्मुज से गुजरे?
पिछले हफ्ते US और ईरान के बीच शांति समझौते पर हस्ताक्षर होने के बाद, भारत आने वाले कुल 11 जहाज होर्मुज स्ट्रेट से गुजरे। मंगलवार को एक मीडिया ब्रीफिग में विदेश मंत्रालय (MEA) के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा, "17 जून को MoU (समझौता ज्ञापन) पर हस्ताक्षर होने के बाद से, भारत आने वाले 11 जहाज होर्मुज से गुजरे हैं।"
इन जहाजों में 3 भारतीय झंडे वाले कच्चे तेल के टैंकर शामिल हैं, जिनमें प्रत्येक में 2.85 लाख मीट्रिक टन से अधिक कच्चा तेल है। इसके अलावा विदेशी झंडे वाला एक LPG कैरियर, विदेशी झंडे वाला एक कच्चे तेल का टैंकर और विदेशी झंडे वाले छह बल्क कैरियर शामिल हैं, जिनमें उर्वरक (खाद) लदा था। विदेश मंत्रालय के अनुसार, भारतीय झंडे वाले 10 जहाज अभी भी फारस की खाड़ी क्षेत्र में हैं, जबकि दो हाल ही में वहां पहुंचे हैं।
क्या भारत के लिए वेस्ट एशिया से आने वाली LPG का कोई स्थायी विकल्प है?
रॉयटर्स ने इंडस्ट्री के सूत्रों के हवाले से बताया है कि जून में अमेरिका से भारत का LPG इंपोर्ट 1 मिलियन मीट्रिक टन तक पहुंचने वाला है, जो अब तक का सबसे ज्यादा आंकड़ा है। रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि इसी महीने संयुक्त अरब अमीरात से सप्लाई में सुधार हुआ है और यह 3,00,000 से 4,00,000 टन के आसपास पहुंच गई है। साथ ही, जून में OMCs को कुवैत से भी लगभग 45,000 टन LPG मिलेगी।
आपको बताते चलें कि अमेरिका-ईरान युद्ध और होर्मुज जलडमरूमध्य की नाकेबंदी से पहले, भारत अपने LPG आयात के लिए पश्चिमी एशिया पर बहुत ज्यादा निर्भर था; इसका लगभग 90% हिस्सा इसी व्यापार मार्ग से आता था।