LPG Gas Cylinder Crisis: दिल्ली सरकार ने गोदामों से सीधे एलपीजी सिलेंडर की बिक्री पर सख्त प्रतिबंध की घोषणा की है। सीएम रेखा गुप्ता ने रविवार (5 अप्रैल) को आदेश का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की चेतावनी दी है। एक आधिकारिक बयान में मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि एलपीजी की आपूर्ति पर कड़ी निगरानी रखी जा रही है ताकि किसी भी कमी को रोका जा सके। साथ ही मानदंडों का अनुपालन सुनिश्चित किया जा सके।
गुप्ता ने एक बयान में कहा, "निवासियों को सलाह दी गई है कि वे गैस एजेंसियों या स्टोरेज डिपो पर न जाएं और न ही भीड़ में इकट्ठा हों, क्योंकि बुक किए गए सिलेंडर निर्धारित समय के भीतर घरों तक पहुंचाए जा रहे हैं।" बयान के अनुसार, तेल मार्केटिंग कंपनियों (OMCs) ने सभी डिस्ट्रीब्यूटरों को साफ तौर पर निर्देश जारी किए हैं, जिसमें कहा गया है कि स्टोरेज साइटों से किसी भी प्रकार की सीधी बिक्री अवैध है। गुप्ता ने कहा कि जमाखोरी और कालाबाजारी की जांच के लिए एक समर्पित कंट्रोल रूम स्थापित किया गया है।
इस बीच, सरकार ने कहा कि उसने आपूर्ति में सुधार करने के लिए विशेष रूप से प्रवासी श्रमिकों के लिए पांच किलोग्राम के एलपीजी सिलेंडर की उपलब्धता बढ़ा दी है। एक बयान में कहा गया है, "अब वैध पहचान पत्र दिखाकर गैस एजेंसियों से ये सिलेंडर खरीदे जा सकते हैं, पते के सत्यापन की आवश्यकता नहीं है। उपभोक्ताओं को नजदीकी वितरकों के बारे में जानकारी देने के लिए चुनिंदा एचपीसीएल केंद्र पर ग्यारह हेल्प डेस्क भी स्थापित किए गए हैं।"
सरकार ने एलपीजी की आपूर्ति बढ़ाई
सरकार ने रसोई गैस की बढ़ती मांग को पूरा करने के लिए पांच किलोग्राम वाले छोटे एलपीजी सिलेंडरों की बिक्री तेज कर दी है। पेट्रोलियम मंत्रालय के अनुसार,23 मार्च से अब तक ऐसे करीब 6.6 लाख सिलेंडर बेचे जा चुके हैं। सब्सिडी वाले 14.2 किलोग्राम के घरेलू सिलेंडरों के विपरीत पांच किलोग्राम के छोटे सिलेंडर बाजार कीमत पर मिलते हैं। इन्हें नजदीकी गैस एजेंसी से लेने के लिए एड्रेस प्रूफ देना जरूरी नहीं होता।
मंत्रालय ने कहा कि एलपीजी वितरकों के पास किसी तरह की कमी की कोई सूचना नहीं है। एक ही दिन में 51 लाख से अधिक घरेलू सिलेंडरों की आपूर्ति की गई। कुल मांग का लगभग 95 प्रतिशत हिस्सा ऑनलाइन बुकिंग के जरिए पूरा हुआ।
प्रशासन ने जमाखोरी और कालाबाजारी के खिलाफ कार्रवाई तेज कर दी है। मार्च से अब तक 50,000 से अधिक सिलेंडर जब्त किए गए हैं। एलपीजी वितरकों को 1,400 से ज्यादा कारण बताओ नोटिस जारी किए गए हैं। अब तक 36 डीलरशिप निलंबित की जा चुकी हैं।
मंत्रालय ने यह भी कहा कि वाणिज्यिक एलपीजी की आपूर्ति को संकट से पहले के स्तर के 70 प्रतिशत तक सीमित किया गया है। जबकि छोटे सिलेंडरों की उपलब्धता बढ़ाई जा रही है ताकि मांग का दबाव कम हो सके। प्राकृतिक गैस के बारे में सरकार ने कहा कि घरेलू उपयोग और परिवहन के लिए पूरी आपूर्ति जारी है।
जबकि उर्वरक प्लाटों के लिए आपूर्ति छह अप्रैल से औसत खपत के करीब 90 प्रतिशत तक बढ़ाई जाएगी, जिसे आने वाले एलएनजी कार्गो का समर्थन मिलेगा। मंत्रालय ने बताया कि सभी रिफाइनरियां उच्च क्षमता पर काम कर रही हैं और देशभर के पेट्रोल पंपों पर पर्याप्त ईंधन उपलब्ध है। साथ ही लोगों से अपील की गई है कि घबराकर खरीदारी न करें और केवल आधिकारिक जानकारी पर भरोसा करें।