Mahanagar Gas halts all subsidies: पेट्रोल-डीजल की कीमतों में बढ़ोतरी की मार के बाद अब महानगर गैस लिमिटेड (MGL) ने अपने ग्राहकों को बड़ा झटका दिया है। मुंबई और आसपास के इलाकों में PNG और CNG सप्लाई देने वाली महानगर गैस लिमिटेड यानी एमजीएल ने मौजूदा जियोपॉलिटिकल टेंशन और वैश्विक दबावों का हवाला देते हुए अपनी सभी ग्राहक सहायता योजनाओं (सपोर्ट स्कीम ) और सब्सिडी को तत्काल प्रभाव से बंद कर दिया है।
कंपनी की तरफ से जारी नोटिस में कहा गया है कि, चल रही जियोपॉलिटकल टेंशन की वजह से एमजीएल अब अपनी सपोर्ट स्कीम्स और सब्सिडी (MGL subsidy cut) जारी रखने की स्थिति में नहीं है। इसका सीधा असर उन ग्राहकों पर पड़ेगा, जिन्हें अब तक पाइपलाइन इंस्टॉलेशन और बिल में राहत मिल रही थी।"
कंपनी ने साफ बताया है कि अब ग्राहकों को पाइपलाइन बिछाने या इंस्टॉलेशन की लागत में मिलने वाली सहायता खत्म कर दी गई है। साथ ही जिन ग्राहकों ने अपने खर्च पर कनेक्शन लगवाए थे (Self-funded installations), उन्हें मिलने वाली मासिक बिल सब्सिडी को भी समाप्त कर दिया गया है।
बता दें कि यह घोषणा MGL द्वारा मुंबई मेट्रोपॉलिटन रीजन में CNG की कीमतें ₹2 प्रति किलोग्राम बढ़ाने के कुछ दिनों बाद हुई। उस समय, कंपनी ने वेस्ट एशिया में टेंशन से जुड़ी ज़्यादा गैस खरीदने की लागत, क्रूड ऑयल की बढ़ती कीमतें, रुपये में गिरावट और ग्लोबल एनर्जी सप्लाई में रुकावटों का हवाला दिया था।
कंपनी ने कहा कि वह इस कदम से ग्राहकों पर पड़ने वाले संभावित प्रभाव को समझती है और असुविधा के लिए खेद व्यक्त करती है। हालांकि, कंपनी ने कहा कि वह अपने सभी परिचालन क्षेत्रों में सुरक्षित और विश्वसनीय पीएनजी और सीएनजी आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है।
यह घोषणा ऐसे समय में आई है जब बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव के बीच वैश्विक ऊर्जा बाजारों में भारी अस्थिरता देखी जा रही है। ईंधन आपूर्ति में व्यवधान, उच्च इनपुट लागत और ऊर्जा आपूर्ति श्रृंखलाओं पर दबाव की चिंताओं के कारण हाल के महीनों में गैस और ऊर्जा क्षेत्र में बाजार का मनोबल गिरा है।
हालांकि कंपनी द्वारा स्पष्ट किया गया है कि इन योजनाओं को बंद करने के बावजूद, मुंबई महानगर और आसपास के क्षेत्रों में ग्राहकों के लिए पीएनजी (PNG) और सीएनजी (CNG) की गैस आपूर्ति पहले की तरह सुचारू और सुरक्षित रूप से जारी रहेगी।
बता दें कि भारत ने 2025 में 33.15 मिलियन मीट्रिक टन LPG इस्तेमाल की, जिसमें से लगभग 60% मांग इम्पोर्ट से पूरी हुई। इनमें से लगभग 90% इम्पोर्ट मिडिल ईस्ट से हुआ, जिससे पता चलता है कि भारत क्षेत्रीय दिक्कतों के प्रति कितना कमज़ोर है।
सरकार अब LPG सप्लाई पर दबाव कम करने के लिए पाइप्ड गैस नेटवर्क को ज़्यादा अपनाने पर ज़ोर दे रही है। ऐसे में कंपनियों से मिल रही सब्सिडी और स्कीम को बंद कर देना ग्राहकों के लिए एक बड़ा झटका है।
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