हमास (Hamas) द्वारा इजराइल (Israel) पर अचानक किए गए हमले के बाद तेल की कीमतें बढ़ गईं हैं। इसकी वजह से मध्य पूर्व (Middle East) में नए सिरे से अस्थिरता आ गई। पिछले हफ्ते के अंत में इजराइल और आतंकवादी समूह हमास के बीच लड़ाई शुरू होने के बाद से 1,400 से अधिक लोग मारे गए हैं। इस संघर्ष का व्यापक इलाके पर संभावित असर हो सकता है। अमेरिकी क्रूड वायदा 86 डॉलर प्रति बैरल से ऊपर बंद हुआ। एक समय तो इसमें 5.4% की तेजी आई। हालांकि वैश्विक तेल आपूर्ति में इजराइल की भूमिका सीमित है, लेकिन खूनी संघर्ष से अमेरिका (America) और ईरान (Iran) दोनों के इसमें उलझने का खतरा बना हुआ है। ईरान इस साल अतिरिक्त कच्चे तेल का एक प्रमुख स्रोत बन गया है। इससे बाजारों में बेवजह का तनाव कम हो गया है। लेकिन तेहरान (Tehran) पर अमेरिका के अतिरिक्त प्रतिबंध से ऐसे शिपमेंट बाधित हो सकते हैं।
CIBC Private Wealth के एक वरिष्ठ एनर्जी ट्रेडर रेबेका बाबिन (Rebecca Babin) ने कहा, "हाल ही की भू-राजनीतिक घटनाओं से कच्चे तेल पर अत्यधिक असर होने की संभावनाएं बनी रही हैं। लेकिन फिर भी कीमतों में बढ़ोतरी थोड़े समय के लिए रही।" "लेकिन ये स्थिति अपवाद भी साबित हो सकती है।" इसका कारण ये है कि बाजार विशेष रूप से तेल की आपूर्ति में संभावित व्यवधानों के प्रति संवेदनशील बना हुआ है।
तेहरान ने हमलों की योजना बनाने में मदद की है। ऐसी रिपोर्ट के बीच तेहरान के खिलाफ कोई भी जवाबी कार्रवाई होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) में जहाजों के मार्ग को खतरे में डाल सकती है। ये एक ऐसा मार्ग है जहां से दुनिया के अधिकांश कच्चे तेल का आवागमन होता है। इसे ईरानी सरकार ने पहले भी बंद करने की धमकी दी थी। हालांकि ईरान ने सोमवार को इस बात से इनकार किया कि वह हमले में शामिल था।
हमलों के बाद कच्चे तेल में आये उछाल ने बाजार में नये सिरे से अस्थिरता देखने को मिल रही है। जिसमें पिछले महीने में बड़े पैमाने पर उतार-चढ़ाव देखा गया है। सितंबर के अंत में ब्रेंट 100 डॉलर प्रति बैरल तक बढ़ने की राह पर था। इसका कारण ये था कि सऊदी अरब और रूस की ओर से कटौती के कारण बाजार टाइट हो गया था। लेकिन पिछले हफ्ते तेजी कीमतें कम हो गईं थी।
सोमवार को शुरुआती कारोबार में ब्रेंट क्रूड के ऑप्शन मार्केट में जोरदार खरीदारी देखने को मिली। इससे कॉल ऑप्शन राइटर बाजार में हावी नजर आये।