सरकार ने कच्चे तेल और डीजल पर विंडफॉल गेन्स टैक्स बढ़ाया, पेट्रोल और ATF पर जीरो टैक्स बना रहेगा

क्रू़ड पेट्रोलियम पर स्पेशल एडिशनल एक्साइज ड्यूटी (SAED) बढ़ाकर 3,300 प्रति टन कर दी गई है, जो पहले 3,200 रुपये प्रति टन थी। इसके अलावा, डीजल पर टैक्स शून्य से बढ़ाकर 1.50 रुपये प्रति लीटर कर दिया गया है। हालांकि, पेट्रोल और एविएशन टर्बनाइन फ्यूलपर SAED शून्य बना रहेगा। सरकार ने इस महीने के शुरू में घरेलू कच्चे तेल पर विंडफॉल टैक्स 1,700 रुपये प्रति टन से बढ़ाकर 3,200 रुपये प्रति टन कर दिया था

अपडेटेड Feb 15, 2024 पर 9:03 PM
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भारत ने सबसे पहले 1 जुलाई 2022 को विंडफॉल प्रॉफिट टैक्स लागू किया था।

सरकार ने क्रूड पेट्रोलियम पर विंडफॉल गेन्स टैक्स में बढ़ोतरी की है। यह बढ़ोतरी 15 फरवरी से लागू हो गई है। इसके तहत क्रू़ड पेट्रोलियम पर स्पेशल एडिशनल एक्साइज ड्यूटी (SAED) बढ़ाकर 3,300 प्रति टन कर दी गई है, जो पहले 3,200 रुपये प्रति टन थी। इसके अलावा, डीजल पर टैक्स शून्य से बढ़ाकर 1.50 रुपये प्रति लीटर कर दिया गया है। हालांकि, पेट्रोल और एविएशन टर्बनाइन फ्यूल (ATF) पर SAED शून्य बना रहेगा।

सरकार ने इस महीने के शुरू में घरेलू कच्चे तेल पर विंडफॉल टैक्स 1,700 रुपये प्रति टन से बढ़ाकर 3,200 रुपये प्रति टन कर दिया था। यह टैक्स स्पेशल एडिशनल एक्साइज ड्यूटी के तौर पर लगाया जाता है। भारत ने सबसे पहले 1 जुलाई 2022 को विंडफॉल प्रॉफिट टैक्स लागू किया था। इसके साथ ही, भारत अब उन देशों में शामिल है, जहां एनर्जी कंपनियों के सुपरनॉर्मल प्रॉफिट पर टैक्स लगता है।

इस टैक्स रेट की समीक्षा हर 15 दिनों पर की जाती है। यह समीक्षा पिछले दो हफ्तों की तेल की औसत कीमतों के आधार पर की जाती है। कच्चे तेल को जमीन और समुद्र से निकाल कर रिफाइन किया जाता और इसे पेट्रोल, डीजल और एयर टर्बाइन फ्यूल (ATF) में कन्वर्ट किया जाता है। अगर ऑयल कंपनियों 75 डॉलर प्रति बैरल से ज्यादा पर तेल की बिक्री करती हैं, तो इससे हासिल होने वाले प्रॉफिट पर यह टैक्स लगता है।

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