इंटरनेशनल मार्केट में बासमती की कीमतों में उतार चढ़ाव देखने को मिल रहा है। बासमती की कीमतों में भारी उतार चढ़ाव से इंडस्ट्री परेशानी में है । साथ ही मुनाफे में गिरावट से इंडस्ट्री परेशान हुई है। देश का ट्रेड डेफिसिट भी बढ़ने की आशंका है।
इंटरनेशनल मार्केट में बासमती की कीमतों में उतार चढ़ाव देखने को मिल रहा है। बासमती की कीमतों में भारी उतार चढ़ाव से इंडस्ट्री परेशानी में है । साथ ही मुनाफे में गिरावट से इंडस्ट्री परेशान हुई है। देश का ट्रेड डेफिसिट भी बढ़ने की आशंका है।
भारत के बासमती एक्सपोर्ट के आंकड़ों पर नजर डालें तो साल 2022-23 में 4.56 मिलियन टन बासमती का एक्सपोर्ट हुआ था। वहीं 2023-24 में 5.24 मिलियन टन बासमती का एक्सपोर्ट हुआ था।
बासमती की कीमतों में आए उछाल और बजट से राइस इंडस्ट्रीज की उम्मीदों पर बात करते हुए इंडियन राइस एक्सपोर्ट्स फेडरेशन के देव गर्ग ने कहा कि बासमती और नॉन बासमती के दाम लगातार गिर रहे है। 500 लाख टन का सरप्लास स्टॉक है। इंडस्ट्रीज को उम्मीद थी कि पिछले साल की तुलना में इस साल एक्सपोर्ट ज्यादा होगा। लेकिन हम इस टारगेट को मिस करते दिखाई दे रहे है।
उन्होंने आगे कहा कि पिछले साल 1.50 लाख टन से ज्यादा का एक्सपोर्ट हुआ था। अब तक 76000 टन का एक्सपोर्ट हुआ है। राइस इंडस्ट्रीज के लिए करेंट क्वांटर मुश्किल लग रहा है। देव गर्ग ने आगे कहा कि डेस्टिनेशन पर काफी माल पहले से रखा हुआ है। अप्रैल के बाद से एक्सपोर्ट बढ़ने की उम्मीद है। उन्होंने आगे कहा कि देश में चावल का उत्पादन ज्यादा होने की उम्मीद है।
बजट से इंडस्ट्रीज की क्या मांगे हैं? इस सवाल का जवाब देते हुए उन्होंने कहा कि सरकार चावल के एक्सपोर्ट पर इंसेंटिव दें। बजट में एक्सपोर्ट पर इंसेंटिव का ऐलान हो सकता है।
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