सोने का गोल्डन रन जारी है। कमजोर डॉलर और जियोपॉलिटिकल संकट से कीमतों में उछाल देखने को मिला जिसके चलते सोना रिकॉर्ड हाई पर हाई बनाता नजर आया। 2025 में सोने की शुरुआत 2650 डॉलर प्रति औंस के आसपास हुई और अब तक हमने सोने में 3050 डॉलर प्रति औंस का ऑल टाइम हाई के प्राइस भी बनते देखे है। दरअसल, जियो पॉलिटिकल टेंशन से सोने की कीमतों में तेजी आई है। सेफ हेवन खरीदारी बढ़ने से सोने की कीमतों को सपोर्ट मिला है। ट्रंप टैरिफ को लेकर भी बाजार चिंतित है। 2 अप्रैल से ट्रंप रेसिप्रोकल टैरिफ लगाएंगे।
वहीं अमेरिकी फेड के नरम रुख से भी सोने को सपोर्ट मिला। अमेरिका में दरों घटने को लेकर अनिश्चितता है। बाजार को अमेरिका में महंगाई बढ़ने की आशंका है। बाजार को अमेरिका में मंदी आने की भी आशंका है। डॉलर में कमजोरी से भी कीमतों को सपोर्ट मिल रहा है। सेंट्रल बैंकों की खरीद से भी कीमतों में तेजी आई ।
MCX पर सोने की चाल पर नजर डालें तो 1 हफ्ते में सोना 2 फीसदी उछला है जबकि 1 महीने में इसमें 3 फीसदी का उछाल आया। वहीं जनवरी 2025 से अब तक सोने ने 16 फीसदी की तेजी दिखाई है। जबकि 1 साल में इसमें 32 फीसदी का उछाल आया है।
GJC के वीसी अविनाश गुप्ता का कहना है कि फिजिकल गोल्ड में डिमांड कमी आई है, लेकिन मार्च में पिछले साल से वॉल्यूम में 10-12% की ग्रोथ आई है। अप्रैल में अक्षय तृतीया पर सोने की खरीदारी बढ़ेगी। गोल्ड ज्वेलरी के खरीदार सरप्राइज कर सकते हैं। सोने में वॉल्यूम में लगभग 2-3% का शॉर्ट फॉल हुआ । सोने में वैल्यू टर्म में 25-30% की ग्रोथ आई है। कंज्यूमर 22 कैरेट से 18 कैरेट में शिफ्ट हो रहे हैं। SIP में निवेश करने का सही तरीका है।
मिराए एसेट MF के सिद्धार्थ श्रीवास्तव ने कहा कि गोल्ड और सिल्वर ETF में निवेश बढ़ा है। गोल्ड और सिल्वर ETF का AUM 70000 करोड़ तक जाने की उम्मीद है। गोल्ड ETF में 55000 करोड़ से ज्यादा और सिल्वर ETF 14000 करोड़ तक जा सकता है। पिछले 3 महीनों में गोल्ड ETF में 6500 करोड़, सिल्वर ETF में 1100 करोड़ का इनफ्लो आया । गोल्ड और सिल्वर में फोलियो ग्रोथ भी देखी।
आभूषण डायमंड एंड गोल्ड के आनंद प्रकाश का कहना है कि सोने में इंवेस्टमेंट बढ़ रहा है। शेयर मार्केट में रिटर्न कम मिलने के कारण लोग गोल्ड में निवेश कर रहे है। सोने में सालाना क्वांटिटी टर्म में 4-5% की बढ़त देखने को मिली। इस क्वार्टर में सोने में वैल्यू टर्म में 30-35% की ग्रोथ रही। ज्वेलर्स को इन्वेंट्री को मेनटेन करने की जरूरत है ।
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