Wheat News: सरकार भारत आटे में सोयामील मिलाने की तैयारी कर रही है। सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक NAFED को इसकी जिम्मेदारी दी गई है। सूत्रों के अनुसार भारत आटा में सोयामील मिलेगा। केंद्र सरकार योजना बना रही है। प्रोटीन की कमी पूरी करना लक्ष्य है।
सूत्रों के मुताबिक सोयामील की समस्या भी हल होगी। एक्सपोर्ट घटने से मील का स्टॉक बढ़ा। NAFED को सरकार ने जिम्मेदारी दी। सूत्रों के अनुसार 5% ब्लेंडिंग के साथ शुरुआत हो सकती है। 30 रुपये प्रति किलो के भाव पर भारत आटा की बिक्री हुई।
सोयाबीन से 18-20% तेल होता है और इसमें 35-40% आय में हिस्सा होता है जबकि 80-82% मील होता है और इसमें 60-65% आय में हिस्सा होता है
RFMFI के नवनीत चितलांगिया का कहना है कि सरकार के फैसले से देश को फायदा होगा। देश में प्रोटीन की कमी को पूरा करने में मदद मिलेगी। सोया और गेहूं इंडस्ट्रीज दोनों एक ही परेशानी से गुजर रही है। नवनीत चितलांगिया ने आगे कहा कि आटे में 5% सोयाबीन मील मिलाने में कोई परेशानी नहीं है। सरकार एक पहल से 2 समस्याएं हल करने की कोशिश में है।
नवनीत चितलांगिया ने आगे कहा कि FSSAI के नियमों के मुताबिक 15% ब्लेंडिंग संभव है। सोयाबीन मील मिलने से आटे की कीमतों में ज्यादा असर नहीं होगा। सरकार के पहल से सोया और गेहूं इंडस्ट्री दोनों की समस्याएं दूर करना चाहती है।